अमेठी के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छात्राओं के उत्पीड़न की जांच अधर में, बीएसए काे नहीं मिली जांच रिपाेर्ट

WhatsApp Channel Join Now
अमेठी के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छात्राओं के उत्पीड़न की जांच अधर में, बीएसए काे नहीं मिली जांच रिपाेर्ट


अमेठी के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छात्राओं के उत्पीड़न की जांच अधर में, बीएसए काे नहीं मिली जांच रिपाेर्ट


अमेठी, 02 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद अमेठी में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाले सरकारी तंत्र में यदि बेटियों की शिकायतें फाइलों में ही दबी रह जाएं, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, शुकुल बाजार में शिक्षिकाओं पर लगे उत्पीड़न के आरोपों की जांच 25 दिन बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। 7 दिसंबर को गठित तीन सदस्यीय जांच समिति को 25 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हुई और न ही किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई सामने आई है।

उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं है जब कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय विवादों में आया हो। वर्षों से एक ही स्टाफ की तैनाती, आपसी गुटबाजी और कथित मनमानी ने विद्यालय की व्यवस्था को खोखला कर दिया है। जुलाई माह में वार्डन अंजू पांडेय के त्यागपत्र के बाद प्रभारी वार्डन नीतू श्रीवास्तव पर छात्राओं से निजी कार्य कराने, मानसिक प्रताड़ना और अनुशासन के नाम पर उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगे थे। बीएसए द्वारा जांच के आदेश दिए गए, लेकिन परिणाम आज तक सामने नहीं आ सके। बीते 7 दिसंबर को शिक्षिकाओं अर्चना और रंजना देवी पर प्रताड़ना व भेदभाव के आरोप लगाते हुए छात्राओं ने थाने में तहरीर दी। अगले दिन दूसरा गुट सक्रिय हुआ और प्रभारी वार्डन के खिलाफ छात्राएं व अभिभावक सड़क पर उतर आए। थाने के मुख्य द्वार पर करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने विद्यालय को तीन दिन के लिए बंद कर कक्षाओं, रिकॉर्ड रूम और सीसीटीवी कैमरों को सील कर दिया। इससे पहले भी विवादों में रहा है विद्यालय वर्ष 2019 में कक्षा छह की 13 वर्षीय छात्रा का रहस्यमय ढंग से लापता होना, 2014 में फूड प्वाइजनिंग से 21 छात्राएं बीमार होने का मामला, 2015 में रसोई गैस सिलेंडर विस्फोट होना प्रमुख है।

बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम गठित की गई है। जांच प्रचलित है, अभिभावकों एवं संबंधित लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। बीच में एस आई आर का कार्य आ जाने के चलते थोड़ा विलंब हुआ है। अभी विद्यालयों में सर्दी का अवकाश चल रहा है इसलिए भी थोड़ा सा विलंब हो रहा है। जनवरी के अंत तक जांच प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी

Share this story