एआई सखी प्रशिक्षण से महिलाएं बनेंगी डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर : शलभ मणि त्रिपाठी

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एआई सखी प्रशिक्षण से महिलाएं बनेंगी डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर : शलभ मणि त्रिपाठी


देवरिया, 20 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सोमवार को विकास भवन स्थित गांधी सभागार में एआई सखी सशक्तिकरण अंतर्गत समूह सदस्यों का एआई दक्षता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

मुख्य अतिथि सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का युग है। ऐसे में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को एआई आधारित तकनीकों से जोड़ना सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं डिजिटल सेवाओं, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों से जुड़ सकेंगी। तकनीक का सही उपयोग महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव लाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने और सीखी गई तकनीकों को अपने दैनिक कार्यों में अपनाने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न अनुप्रयोगों, डिजिटल टूल्स, ऑनलाइन सेवाओं तथा आजीविका संवर्धन में एआई की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों को एआई आधारित तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि वे भविष्य में डिजिटल माध्यमों का बेहतर उपयोग कर अपनी आय बढ़ा सकें। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, स्वयं सहायता समूहों की बड़ी संख्या में महिलाएं तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नई तकनीकों को सीखने में गहरी रुचि दिखाई।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

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