वाराणसी में शहीदों की स्मृति में जगमगाए आकाशदीप, गंगा में दीपदान
—दशाश्वमेध घाट पर शरद पूर्णिमा पर आयोजन, पुलिस-पीएसी के 11 बलिदानी जवानों को दी गई श्रद्धांजलि
वाराणसी, 25 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कर्तव्य की वेदी पर जनसुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस और पीएसी के बलिदानी जवानों की स्मृति में शरद पूर्णिमा की शाम रविवार को दशाश्वमेध घाट दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। गंगोत्री सेवा समिति की ओर से आयोजित वार्षिक कार्यक्रम में पीएसी के बैंड की धुनों के बीच शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सूर्यास्त के बाद चांदनी के बीच घाट पर बांस की टोकरियों में सजे आकाशदीप चंद्रहार की तरह दमक उठे। वहीं, मां गंगा की धारा में 101 दीपों का दान किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्टजनों ने पुलिस-पीएसी के 11 बलिदानी जवानों की स्मृति में आकाशदीप प्रज्वलित किए। इस दौरान शहीद जवानों के नामों का स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में शहीद जवानों उपनिरीक्षक मोहित कुमार,उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह,आरक्षी अशोक कुमार,आरक्षी प्रदीप कुमार,फायर सर्विस चालक तीरथपाल,फायरमैन आरक्षी रोहित,आरक्षी जितेंद्र कुमार,उप निरीक्षक रहमत अली,उप निरीक्षक संतोष कुमार यादव, आरक्षी रवनीश कुमार, आरक्षी निशांत चौधरी के नाम पर आकाशदीप जलाए गए। इससे पूर्व पांच वैदिक आचार्यों ने मां गंगा का षोडशोपचार पूजन किया। समिति के अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे ने बताया कि कार्तिक मास में पुलिस और पीएसी के बलिदानी जवानों की स्मृति में गंगा तट पर आकाशदीप प्रज्वलित किए जाते हैं। मान्यता है कि ये दीप दिवंगत आत्माओं के मार्ग को आलोकित करते हैं। कार्तिक मास में दीपदान का विशेष महत्व है। आकाशदीप शहीदों के प्रति समाज की श्रद्धा और सम्मान के प्रतीक हैं। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ दयाशंकर मिश्र 'दयालु',समिति के सचिव दिनेश शंकर दुबे, कन्हैया त्रिपाठी, गंगेश्वरधर दुबे समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

