हर बूथ पर 20 'योद्धा', 35.50 लाख कार्यकर्ताओं की चुनावी फौज तैयार करेगी भाजपा

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हर बूथ पर 20 'योद्धा', 35.50 लाख कार्यकर्ताओं की चुनावी फौज तैयार करेगी भाजपा


लखनऊ, 21 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी बूथ स्तर पर अपनी सबसे बड़ी चुनावी ताकत खड़ी करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी की योजना प्रत्येक बूथ पर 20 सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करने की है, जो चुनाव तक संगठन, मतदाता संपर्क और मतदान प्रबंधन की कमान संभालेगी।

प्रदेश में 1,77,516 बूथ हैं। ऐसे में प्रति बूथ 20 कार्यकर्ताओं के हिसाब से भाजपा करीब 35,50,320 (35.50 लाख) बूथ कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार करेगी। बूथ अध्यक्ष इस पूरी टीम का नेतृत्व करेंगे और बूथ को संगठन की सबसे मजबूत इकाई बनाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। 22 जुलाई को प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ होने वाले बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में इसी चुनावी ब्लूप्रिंट को अंतिम रूप दिया जाएगा। वरिष्ठ नेता बूथ अध्यक्षों को जीत का मंत्र देंगे और प्रत्येक बूथ को भाजपा की जीत का अभेद्य दुर्ग बनाने का लक्ष्य सौंपेंगे।

बूथ सम्मेलन में 2027 की जीत का 'ब्लूप्रिंट' समझेंगे बूथ अध्यक्ष

भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं बूथ सम्मेलन के प्रदेश संयोजक दिलीप पटेल ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में बताया कि 22 जुलाई को होने वाला बूथ अध्यक्ष सम्मेलन केवल औपचारिक बैठक नहीं होगा, बल्कि विधानसभा चुनाव-2027 के लिए बूथ स्तर की चुनावी कार्यशाला बनेगा। सम्मेलन में बूथ अध्यक्षों को चुनावी जिम्मेदारियों के साथ बूथ प्रबंधन का पूरा रोडमैप सौंपा जाएगा।

वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन

बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में राष्ट्रीय, प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता बूथ अध्यक्षों को संगठन की प्राथमिकताओं, चुनावी रणनीति और बूथ प्रबंधन के गुर बताएंगे। उन्हें 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, मतदाता संपर्क, लाभार्थी संवाद, सोशल मीडिया के उपयोग, संगठनात्मक अनुशासन और चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

संगठन विस्तार

भाजपा बूथ स्तर पर संगठन के विस्तार को 2027 की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है। नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने, युवा और महिला भागीदारी बढ़ाने तथा पन्ना प्रमुख जैसी संगठनात्मक व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा। प्रत्येक बूथ अध्यक्ष को अपने क्षेत्र में नए लोगों को संगठन से जोड़ने और उन्हें जिम्मेदारियां देने की दिशा में काम करना होगा।

मतदान प्रतिशत बढ़ाने की रणनीति

भाजपा का फोकस केवल प्रचार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मतदान के दिन अधिकतम मतदान सुनिश्चित करने पर भी होगा। प्रत्येक बूथ के लिए अलग मतदान प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। कार्यकर्ताओं को मतदाताओं से समय पर संपर्क, बूथ तक पहुंचने में सहयोग, मतदान दिवस की व्यवस्थाओं और बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जिन बूथों पर पिछले चुनावों में मतदान प्रतिशत कम रहा, वहां विशेष रणनीति अपनाई जाएगी। पार्टी का लक्ष्य अपने समर्थक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाकर वोट प्रतिशत बढ़ाना और चुनावी प्रदर्शन को बेहतर बनाना है।

बूथवार माइक्रो प्लानिंग

भाजपा प्रत्येक बूथ की राजनीतिक, सामाजिक और भौगोलिक परिस्थितियों का अलग-अलग विश्लेषण करेगी। किस बूथ पर पार्टी मजबूत है, कहां संगठन कमजोर है, किस वर्ग के मतदाताओं पर अधिक काम करने की जरूरत है और किन इलाकों में मतदान प्रतिशत कम रहता है, इसका विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसी आधार पर हर बूथ के लिए अलग चुनावी रणनीति तैयार होगी। कमजोर बूथों पर अतिरिक्त कार्यकर्ता, वरिष्ठ नेताओं की निगरानी और विशेष अभियान चलाए जाएंगे। पार्टी का लक्ष्य एक जैसी रणनीति के बजाय हर बूथ की जरूरत के अनुसार चुनावी माइक्रो प्लान तैयार करना है।

हर बूथ पर 20 कार्यकर्ताओं की टीम

भाजपा प्रत्येक बूथ पर करीब 20 सक्रिय और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। इस टीम के प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाएंगी, जैसे मतदाता संपर्क, लाभार्थियों से संवाद, सोशल मीडिया समन्वय, बूथ प्रबंधन, मतदान दिवस की तैयारी और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ना। पार्टी मानती है कि मजबूत बूथ टीम ही चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है, इसलिए हर कार्यकर्ता की भूमिका स्पष्ट और जवाबदेह बनाई जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश

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