ट्रिपल आईटी इलाहाबाद में भारतीय ज्ञान परम्परा के समावेशन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 25 से

WhatsApp Channel Join Now
ट्रिपल आईटी इलाहाबाद में भारतीय ज्ञान परम्परा के समावेशन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 25 से


प्रयागराज, 22 अप्रैल (हि.स)। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद द्वारा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के सहयोग से “आईआईआईटी पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान धरोहर के समावेशन” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 25-26 अप्रैल को संस्थान के प्रशासनिक सभागार, झलवा में किया जाएगा। जिसमें देश के लगभग ग्यारह ट्रिपल आईटी के निदेशक कार्यक्रम में सम्मिलित होने प्रयागराज आ रहे हैं।

यह जानकारी देते हुए संस्थान के निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावने ने बुधवार को बताया कि ट्रिपल आईटी इलाहाबाद इस संगोष्ठी के लिए नोडल संस्थान के रूप में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य आईआईआईटी पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा का कोर्स स्तर पर प्रभावी एवं संतुलित समावेशन सुनिश्चित करना है। यह समावेशन विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों जैसे बेसिक साइंसेज, मैटेरियल्स, गणित, भाषाएं, कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी, डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग तथा प्रबंधन में किया जाएगा।

प्रो. सुतावने ने आगे बताया कि संगोष्ठी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या एवं क्रेडिट फ्रेमवर्क को संदर्भ के रूप में लेते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा के समावेशन के व्यावहारिक मॉडल पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान धरोहर का कोर्स-स्तरीय एकीकृत समावेशन तकनीकी शिक्षा को अधिक समग्र, प्रासंगिक और भारतीय संदर्भों से जुड़ा हुआ बनाएगा।

निदेशक ने आगे बताया कि इस अवसर पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी मुख्य वक्ता के रूप में संगोष्ठी को सम्बोधित करेंगे। उनके साथ विभिन्न ट्रिपल आईटी के निदेशक एवं शिक्षाविद भी अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। दो दिवसीय इस संगोष्ठी में विषयगत सत्र, समूह चर्चा एवं मंथन किए जाएंगे। जिनका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परम्परा को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ समन्वित करने के ठोस एवं व्यावहारिक उपायों की पहचान करना है। ट्रिपल आईटी के जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. पंकज मिश्र ने बताया कि इस संगोष्ठी के निष्कर्ष देश भर के ट्रिपल आईटी तथा अन्य तकनीकी संस्थानों के लिए पाठ्यक्रम विकास एवं नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण दिशा प्रदान करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

Share this story