दुष्कर्म के दो दोषियों को आजीवन कारावास
जौनपुर, 17 अप्रैल (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में सुजानगंज निवासी नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में दोषी छोटू पठान निवासी नैनी इलाहाबाद एवं मनीष चंद्र मौर्य निवासी मड़ियाहूं को अपर सत्र न्यायाधीश पास्को एक्ट सुरेंद्र प्रताप यादव ने शुक्रवार को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को 50,000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी मामले में दोषी कैफ़रीन निवासी सुजानगंज को 07 वर्ष कारावास एवं 47,000 रुपये अर्थदंड तथा सलीम, कलीम,हलीम एवं सलमान निवासी सुजानगंज को पीड़िता के अपहरण का दोषी पाते हुए कोर्ट ने 06 वर्ष कारावास एवं प्रत्येक को 35,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाया। अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़िता को देने का आदेश हुआ।
घटना की रिपोर्ट पीड़िता के चाचा ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कोर्ट के आदेश से दर्ज कराया था कि वह सुजानगंज में चाय पान की दुकान करके अपना परिवार चलता है। उसकी 16 वर्षीय भतीजी 17 जनवरी 2015 को 6:15 बजे शाम अपनी बड़ी मां के साथ घर से कुछ दूर शौच करने गई थी। वहां से लौटते समय पहले से घात लगाए आरोपियों ने जबरन पीड़िता को बोलोरो गाड़ी में बैठाकर अपहरण कर ले गए। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने कोई सुनवाई नहीं की। कोर्ट का सहारा लेने पर कोर्ट के आदेश से थाना सुजानगंज में 4 मार्च 2015 को रिपोर्ट दर्ज हुई। उसकी भतीजी करीब 04 महीने गायब रही। 09 मई 2015 को उसके मोबाइल पर मिर्जापुर से इश्तियाक खान ने फोन कर बताया कि आपकी लड़की मिर्जापुर में अकेले रोते हुए मिली। अपनी लड़की को ले जाएं। दूसरे दिन वहां पहुंचे और लड़की को ले आए तब लड़की ने आप बीती बताई। पुलिस विवेचना से प्रकाश में आया कि सलीम, कलीम, हलीम व सलमान ने अपहरण किया। कैफरीन ने आरोपियों का सहयोग किया। छोटू पठान व मनीष चंद्र मौर्य ने उसके साथ दुराचार किया। पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद सातों आरोपितों को दोषी पाते हुए सजा सुनाया।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

