टूटते रिश्तों की 'लाइफलाइन' बना सखी वन स्टॉप सेंटर, आत्महत्या की दहलीज से लौट रहीं जिंदगी

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टूटते रिश्तों की 'लाइफलाइन' बना सखी वन स्टॉप सेंटर, आत्महत्या की दहलीज से लौट रहीं जिंदगी


बिना कोर्ट-कचहरी सुलझ रहे विवाद, 24 घंटे तैनात महिला पुलिस फोर्स और 'सखी' टीम बनीं आधी आबादी का सुरक्षा कवच

योगी सरकार के मिशन शक्ति का कमाल, पीड़ितों की सुनी गुहार, काउंसलिंग के जादू से संवर रहे उजड़े चमन

मुरादाबाद, 17 जनवरी (हि.स.)। योगी सरकार का 'मिशन शक्ति' अभियान मुरादाबाद की पीड़ित महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है। जनपद का 'सखी वन स्टॉप सेंटर' उन महिलाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बन गया है, जो घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों के कारण अपनी जिंदगी खत्म करने का मन बना चुकी थीं। सखी केंद्र की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां आने वाली महिलाएं जो कल तक गहरे सदमे में थीं, आज वे अपने परिवारों के साथ खुशहाल जीवन बिता रही हैं। केंद्र प्रबंधक गुंजन तिवारी व मनोसामाजिक परामर्शदाता तनीषा दिवाकर ने बताया कि केंद्र पर 1 अप्रैल 2025 से लेकर अब तक कुल 740 मामले आ चुके हैं, जिनमें से 541 महिलाओं को अल्पवास, काउंसलिंग और चिकित्सीय सुविधाएं देकर सशक्त बनाया गया है।

सखी वन स्टॉप सेंटर मुरादाबाद में घरेलू हिंसा के 102 और दहेज उत्पीड़न के 4 मुख्य मामले सामने आए हैं। इसके अतिरिक्त लिव-इन, पड़ोसी विवाद और लापता होने जैसे 69 अन्य मामले दर्ज किए गए। केंद्र को 181 हेल्पलाइन के माध्यम से 120 और सीधे केंद्र के स्तर पर 61 मामले प्राप्त हुए। खास बात यह है कि पूरे वर्ष में केवल 3 मामलों में एफआईआर की नौबत आई, बाकी सभी विवादों का निस्तारण आपसी सहमति और काउंसलिंग के जरिए सफलतापूर्वक कर लिया गया।

मौत की दहलीज से लौटीं तीन जिंदगियां, सखी केंद्र बना सहारा: मुरादाबाद के सखी केंद्र की फाइलों में दर्ज सफलता की कहानियां किसी फिल्मी पटकथा से कम रोमांचक नहीं है।

अमीर जहां (काल्पनिक नाम) : पति के शक और प्रताड़ना ने अमीर जहां को इस कदर तोड़ दिया था कि वह अपनी दुधमुंही बच्ची तक की सुध नहीं ले पा रही थीं और आत्महत्या की योजना बना चुकी थी। सखी केंद्र की टीम ने पति की कई बार काउंसलिंग की, जिसके बाद पति ने अपनी गलती सुधारी और अब अमीर जहां (23) खुशहाल है।

रूपांशी (काल्पनिक नाम): मूल रूप से बंगाल की रहने वाली रूपांशी (20) को उसके ससुराल वालों ने पराया मानकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। पति शराब पीकर मारपीट करता था और सास-ससुर दूसरी शादी की धमकी देते थे। केंद्र के दखल के बाद पति व ससुराल वालों ने लिखित माफी मांगी और अब रूपांशी सम्मान के साथ ससुराल में रह रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

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