अपशिष्ट से उपयोगी वस्तुएं बनाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम: कुलपति
कानपुर, 21 फरवरी (हि.स.)। पर्यावरण संरक्षण के लिए युवाओं को रचनात्मक सोच के साथ अपशिष्ट से उपयोगी वस्तुएं बनाने की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों में नवाचार और सतत विकास की भावना को मजबूत करती हैं। यह बातें शनिवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कही।
विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स द्वारा रंजीत सिंह रोजी शिक्षा केंद्र, आईआईटी के सहयोग से तथा कालपी के कारीगरों की सहभागिता में एक दिवसीय हस्तनिर्मित कागज निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय ‘अपशिष्ट से कागज निर्माण’ रहा, जिसमें बेकार सामग्री को उपयोगी उत्पाद में बदलने की प्रक्रिया सिखाई गई।
कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि नीरज पाठक तथा विशिष्ट अतिथि प्रो. संदीप संगल व डॉ. रीता सिंह की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के निदेशक डॉ. मिठाई लाल ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का संदेश दिया।
कार्यशाला का सफल समन्वय तनीषा वाधवान ने किया। कार्यक्रम में डॉ. मंतोष, प्रियंशी, प्रिया मिश्रा, डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. बप्पा माजी, डॉ. रणधीर सिंह व विनय सिंह सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर हस्तनिर्मित कागज तैयार किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

