पर्यटन नीति से चमका कानपुर, दो साल में 780 करोड़ से ज्यादा का निवेश

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पर्यटन नीति से चमका कानपुर, दो साल में 780 करोड़ से ज्यादा का निवेश


-बिठूर, गंगा घाट और ऐतिहासिक स्थलों ने बढ़ाया आकर्षण, होटल इंडस्ट्री में आया बड़ा उछाल

-बजट होटल से लेकर हेरिटेज स्टे तक, हर वर्ग के पर्यटकों के लिए तैयार हो रहा नया कानपुर

कानपुर, 23 मई (हि.स.)। कानपुर में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले दो सालों में जो निवेश आया है, उसने शहर में ठहरने की व्यवस्था को बहुत मजबूत कर दिया है। हमारा मकसद पर्यटकों को हर जरूरी सुविधा देना है। इस पूरी मुहिम से हमारे स्थानीय युवाओं और छोटे दुकानदारों को भी रोजगार के बेहतरीन मौके मिले हैं। बीते दो वर्षों में कानपुर में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े करीब 780 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं। होटल, कन्वेंशन सेंटर, हेरिटेज स्टे, फार्म स्टे और हाईवे फैसिलिटी सेंटर जैसी परियोजनाओं ने शहर के पर्यटन कारोबार को नई दिशा दी है। यह बातें शनिवार को जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कही।

औद्योगिक शहर की पहचान रखने वाला कानपुर अब तेजी से पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। योगी सरकार की पर्यटन नीति और बुनियादी ढांचे में तेजी से हुए विकास का असर अब शहर के टूरिज्म सेक्टर में साफ दिखाई देने लगा है।

सबसे ज्यादा बदलाव बिठूर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। गंगा तट, धार्मिक महत्व, पेशवा कालीन इतिहास और आध्यात्मिक वातावरण के कारण बिठूर में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है। वीकेंड पर बड़ी संख्या में परिवार, युवा और बाहरी पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। इसका सीधा असर होटल और आतिथ्य उद्योग पर पड़ा है। शहर में नए होटल, रिसॉर्ट और आधुनिक सुविधाओं से लैस ठहराव केंद्र तेजी से विकसित हुए हैं।

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत नए प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन अभी पाइपलाइन में है, लेकिन बीते दो साल के भीतर जमीन पर उतरे काम ने ही शहर के पर्यटन का पूरा ढांचा बदल दिया है।

बिठूर और कानपुर शहर में विशेष तौर पर 13 नए बजट होटल खोले गए हैं, ताकि लोग कम खर्च में रात गुजारकर सुबह की पावन गंगा आरती का आनंद ले सकें। इसके अलावा वीआईपी मेहमानों और हाई-क्लास सैलानियों के लिए 13 नए बड़े होटलों के साथ-साथ कानपुर के ऐतिहासिक मिजाज को जिंदा रखने के लिए एक आलीशान हेरिटेज होटल भी चालू किया गया है।

वहीं, दूसरी ओर शहरी कोलाहल से दूर, बिठूर और गंगा पट्टी के ग्रामीण इलाकों में तीन 'फार्म स्टे' (ग्रामीण पर्यटन) भी शुरू किए गए हैं, जहाँ लोग खेतों के बीच शुद्ध देहाती जिंदगी का अहसास ले रहे हैं। इसके साथ ही, कॉर्पोरेट बैठकों के लिए एक बड़ा हाईटेक कन्वेंशन सेंटर और हाईवे पर चलने वाले मुसाफिरों की सहूलियत के लिए नए ढाबे और वे-साइड एमेनिटीज भी काम करने लगे हैं।

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे, हाईवे कनेक्टिविटी और शहर के बाहर विकसित हो रहे कॉरिडोरों के आसपास आधुनिक ढाबे, फूड प्लाजा और यात्री सुविधा केंद्र भी पूरी तरह संचालित हो चुके हैं। इससे लंबी दूरी के यात्रियों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।

दो साल में कहां और कितना हुआ निवेश

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कुल निवेश: 780.65 करोड़ रुपये

कुल यूनिट्स: 32

1. वित्तीय वर्ष 2023-24

कुल यूनिट्स: 14

निवेश: 470 करोड़ रुपये

सामान्य/बड़े होटल: 09

बजट होटल: 03

हेरिटेज होटल: 01

वे-साइड एमेनिटीज (ढाबा/सुविधा केंद्र): 01

2. वित्तीय वर्ष 2024-25

कुल यूनिट्स: 18

निवेश: 310.65 करोड़ रुपये

बजट होटल: 10

सामान्य/बड़े होटल: 04

फार्म स्टे (ग्रामीण पर्यटन): 03

कन्वेंशन सेंटर: 01

3. वित्तीय वर्ष 2025-26 (वर्तमान स्थिति)

नए प्रोजेक्ट्स: अभी पाइपलाइन में

(रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जारी)

जिला पर्यटन अधिकारी अर्जिता ओझा ने कहा कि हमारा पूरा फोकस है कि कानपुर घूमने आने वाले लोगों को रुकने और खाने-पीने की कोई दिक्कत न हो। सरकार की आसान नीतियों की वजह से पिछले दो सालों में बजट होटल से लेकर फार्म स्टे जैसी 32 नई यूनिट्स तैयार हुई हैं। जो नए प्रस्ताव अभी लाइन में हैं, उन्हें भी जल्द हरी झंडी दी जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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