प्रसन्न रहना व खिलखिला कर हंसना समस्त रोगों की रामबाण दवा : सतीश राय
--महावीर जयंती पर स्पर्श-ध्यान कार्यक्रम
प्रयागराज, 31 मार्च (हि.स)। प्रसन्न रहना और खिलखिला कर हंसना समस्त रोगों की रामबाण दवा है। यह शरीर में दर्द के स्तर को कम करता है और बिना कोई पैसा खर्च किए शारीरिक और मानसिक स्तर को बेहतर बनाता है।
यह बातें मंगलवार को एसकेआर योग एवं रेकी शोध प्रशिक्षण और प्राकृतिक संस्थान पर महावीर जयंती के उपलक्ष्य में चल रहे निःशुल्क स्पर्श-ध्यान कार्यक्रम में जाने-माने स्पर्श चिकित्सक सतीश राय ने कही।
--हमारे त्योहार खुशियों का भंडार उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति से दूरी और पश्चिमी देशों के कल्चर को अपनाना व्यक्ति को अकेलेपन की ओर ले जा रहा है। भारत के कल्चर में खुशी के अनगिनत स्रोत हैं। जैसे हमारे त्योहार खुशी एवं प्रसन्नता का भंडार हैं। यह सामूहिकता का प्रतीक है, आभार प्रकट करना भी मन में खुशी प्रदान करता है, हमारे परिवार जो एक मजबूत रिश्ते हैं वह हमें खुशी देते हैं और अकेलेपन को दूर करते हैं। संयुक्त परिवार खुशी का स्रोत है। दुनिया भर में खुशियां मापने का जो तरीका है वह हमारे संस्कृत में (स्वस्थ रहने के लिए खुश रहना बहुत जरूरी है) पहले से मौजूद है।
--दुःखी रहने का सबसे बड़ा कारण है सोशल मीडियासतीश राय ने कहा अमीर देशों में उदासी बढ़ रही है और सबसे खुश रहने वाले देशों में फिनलैंड डेनमार्क नॉर्वे स्वीडन हैं। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने अपने 147 देशों के खुश रहने वाले सर्वे रिपोर्ट में भारत को 116वें नंबर पर रखा है। दुनिया में दुःखी रहने का सबसे बड़ा कारण है सोशल मीडिया से नजदीकी। सोशल मीडिया के लग्जरियस की तुलना अपने जीवन से करने व उसे पाने की चाहत में लोगों का आत्मविश्वास धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। यहीं उदासी उन्हे अकेलेपन की तरफ ले जा रही हैं। यही आगे चलकर डिप्रेशन की समस्या में परिवर्तित हो जाता है। इससे बचने का सबसे अच्छा उपाय है सोशल मीडिया से दूरी एवं उन्मुक्त रूप से खिलखिला कर हंसना।
--खिलखिला कर हंसने से अच्छे हारमोंस की वृद्धिसतीश राय ने कहा एक शोध द्वारा प्रमाणित हो चुका है कि बार-बार उन्मुक्त रूप से हंसने पर मस्तिष्क में ‘इंन्डोफ्रिनष्नामक हारमोंस में काफी वृद्धि होती है जो शक्तिशाली दर्द नाशक रसायन है। इसके साथ मस्तिष्क में ‘न्यूरो ट्रांसमीटर’ हारमोंस का उत्पादन बढ़ने लगता है। जिससे जबरदस्त मानसिक शांति आनंद एवं प्रसन्नता की अनुभूति होती है याददाश्त भी बढ़ने लगता है।
--उन्मुक्त हंसी से डिप्रेशन-ब्लड प्रेशर नॉर्मलसतीश राय ने कहा कि उन्मुख रूप से हंसने के कई फायदे हैं। जैसे रोग व्याधियों से लड़ने की क्षमता का विकास होता है, वायरस एवं जीवाणु रोगों से बचाव होता है, शरीर की अधिक कैलोरी जल जाने से वजन मोटापा कम होता है, तनाव मानसिक चिंता दबाव डिप्रेशन एवं अन्य मानसिक उलझन समाप्त होने से ब्लड प्रेशर नार्मल हो जाता है। दमा ब्रोंकाइटिस समाप्त होने से मात्र 10 दिनों में फेफड़ों की जकड़न समाप्त होती है। पेट व आंतों में सुधार होने से भूख बढ़ती है, पाचन शक्ति बढ़ती है पेट साफ रहने से सिर दर्द में आराम मिलता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

