प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए : मुख्यमंत्री

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प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए : मुख्यमंत्री


प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए : मुख्यमंत्री


प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए : मुख्यमंत्री


-टाइम्स ऑफ इंडिया के 9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी कॉन्क्लेव को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी

-पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाकर आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती देना हर नागरिक का दायित्व: मुख्यमंत्री

लखनऊ, 14 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस तरह कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान देशवासियों ने एकजुट होकर संकट का सामना किया था, पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच उसी सामूहिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय भावना के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यह वैश्विक संकट है, जिसका असर ईंधन, खाद्य व उर्वरक आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे समय हर नागरिक का दायित्व बनता है कि वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्पों को अपनाकर देश के आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती दे।

मुख्यमंत्री गुरुवार को लखनऊ के होटल ताज में टाइम्स ऑफ इंडिया के 9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।

संकट के समय देशहित सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए ईंधन की बचत के लिए रिन्यूएबल एनर्जी, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, कार पूलिंग, मेट्रो, इलेक्ट्रिक व्हीकल और शटल बस जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने 7700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में संरक्षित 15 लाख से अधिक गोवंश के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस प्लांट आधारित सामूहिक किचन मॉडल विकसित करने की बात कही, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय देशहित सर्वोपरि होना चाहिए। हर नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्र के साथ खड़ा होकर अपना योगदान दे। उन्होंने अधूरी जानकारी के आधार पर नकारात्मक टिप्पणी करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए। देश रहेगा तो हम सब रहेंगे, प्रदेश सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे और देश समृद्ध होगा तो हम सब भी समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे।

आक्रमणों के बावजूद भारत अस्तित्व बचाने में सफल

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में आज जो आर्थिक समृद्धि दिखाई दे रही है, उसकी जड़ें मात्र 400-500 वर्ष पुरानी हैं, जबकि भारत में यह समृद्धि इससे बहुत पहले विद्यमान थी। लेकिन जब हमने अपने संसाधनों, ज्ञान और नवाचार पर विश्वास करना छोड़ दिया, रिसर्च एवं डेवलपमेंट को उपेक्षित किया तो हम पिछड़ते गए। उस समय तीर्थयात्रा पर्यटन का प्रमुख रूप थी। केदारनाथ में जलाभिषेक के लिए रामेश्वरम का जल और रामेश्वरम में अभिषेक के लिए गंगोत्री का जल ले जाने की परंपरा उत्तर और दक्षिण को जोड़ती थी। द्वादश ज्योतिर्लिंग और चार धाम पूरे देश को एक सूत्र में बांधते थे। जीवन इस तरह व्यवस्थित था कि कोई किसी पर बोझ न बने। यही कारण था कि भारत विश्व गुरु बना। हजार वर्षों के आक्रमणों, अत्याचारों और शोषण के बावजूद भारत अपने अस्तित्व और संस्कृति को बचाए रखने में सफल रहा, जो दुनिया में कम ही देखने को मिलता है।

2017 से पहले उत्तर प्रदेश को बना दिया था प्रश्न प्रदेश

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को प्रश्न प्रदेश बना दिया गया था। युवाओं के सामने पहचान का संकट था, व्यापारी पलायन कर रहे थे, किसान आत्महत्या कर रहे थे, त्योहारों के समय दंगे-फसाद होते थे, गुंडागर्दी और माफिया राज था। भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार और सरकारी उदासीनता चरम पर थी। सरकार बनते ही हमने पहले एक महीने तक केवल मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ शाम छह बजे से रात बारह बजे तक बैठक की। हर विभाग का प्रेजेंटेशन लिया गया और कार्ययोजना तैयार की गई। खजाना खाली था, कर्मचारियों के वेतन के लिए भी पैसे नहीं थे, लेकिन हमने स्पष्ट नीति बनाई कि कोई भाई-भतीजावाद नहीं, कोई क्षेत्रवाद नहीं, कोई परिवारवाद नहीं। आज उत्तर प्रदेश में विकास केवल लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर तक सीमित नहीं है। सभी 75 जनपदों और 58,000 ग्राम पंचायतों में समान विकास हो रहा है। सभी जगह एक समान बिजली पहुंच रही है। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति सख्ती से लागू है। भ्रष्टाचार पर भी जीरो टॉलरेंस है।

जब सरकार सोती है तो इंस्पेक्टर राज चलता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यूपी के एमएसएमई क्षेत्र के बारे में कोई सोचता भी नहीं था। सब कुछ भगवान भरोसे था क्योंकि सरकार चादर तानकर सो रही थी। जब सरकार सोती है तो इंस्पेक्टर राज चलता है। कारीगर हतोत्साहित और प्रताड़ित होकर पलायन कर चुका था या जैसे-तैसे गुजारा कर रहा था। लेकिन आज प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं, जिनमें लगभग तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। प्रदेश के पास आज 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। इन्वेस्टमेंट की पहली शर्त सुरक्षा, दूसरी शर्त लैंड बैंक और तीसरी शर्त स्पष्ट नीति है। अब यूपी में पॉलिसी पैरालिसिस नहीं है। हमने 34 सेक्टरों के लिए अलग-अलग सेक्टोरल पॉलिसी बनाई है। अब नीति भी है, नीयत भी है और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति भी। परिणाम यह है कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बेहतरीन निवेश गंतव्य बन चुका है।

महिलाएं अब रात 12 बजे भी बेखौफ घर आ सकती हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं अब बिना किसी भय के शाम 6 बजे, 8 बजे, 10 बजे या रात 12 बजे भी घर लौट सकती हैं। नाइट शिफ्ट में महिलाएं ऑफिस और उद्योगों में काम कर रही हैं। बेटियां निडर होकर स्कूल जा रही हैं। हमने प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना बढ़ाया है। वर्ष 2017 में यह 43,000 रुपये थी, जो आज बढ़कर 1,20,000 रुपये से अधिक हो चुकी है। प्रदेश का वार्षिक बजट 2.5 लाख करोड़ के आसपास था, जो आज 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का हो गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

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