आज कोई धमकी देता है कि दंगा करवा देंगे तो कहता हूं 'आओ बच्चू, करा कर देख लो समझ मे आ जायेगा : सीएम योगी

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 सीएम योगी ने अम्बेडकरनगर में किया 706 करोड़ से अधिक की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास

जल्द लाएंगे युवा नीति, युवा ही नेतृत्व करेगा और अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, स्किलिंग और रोजगार के लिए आगे बढ़कर काम करेगाः मुख्यमंत्री

बोले, जिनसे स्वयं नहीं संभला जा रहा, वे 25 करोड़ जनता को क्या संभालते? इसीलिए दंगाइयों के सामने समाजवादी घुटने टेकते थे

सपा का झंडा लेकर चलने वाले अवैध वसूली करते थे और थानों से तहसीलों तक उनका कब्जा था : सीएम योगी

बोले, नई पीढ़ी को बताइए कि किस प्रकार की अराजकता सपाइयों ने फैलाई थी

2017 से पहले भी मुख्यमंत्री होते थे, लेकिन क्या उन्हें गोविंद साहब धाम आने की फुर्सत नहीं थी?

वे नोएडा नहीं जाते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि वहां जाने से कुर्सी खिसक जाएगी, लेकिन जनता ने उनकी कुर्सी को हमेशा के लिए विदा कर दी

दो बजे 'बबुआ' तैयार होंगे और उसके बाद 'चच्चू' उन्हें कुछ सिखाएंगे, फिर एक ट्वीट करेंगे : सीएम योगी

जल्द लाएंगे युवा नीति, युवा ही नेतृत्व करेगा और अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, स्किलिंग और रोजगार के लिए आगे बढ़कर काम करेगा

नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के जरिए सिद्धार्थनगर के बांसी से बस्ती होते हुए प्रयागराज को जोड़ने की दिशा में हो रहा का


लखनऊ, 07 अगस्त : जो स्वयं को नहीं संभाल पा रहे, वे प्रदेश की 25 करोड़ जनता को क्या संभालते? इसीलिए दंगाइयों के सामने समाजवादी घुटने टेकते थे। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंबेडकरनगर में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि अब कोई दंगा कराने की धमकी देता है तो जवाब मिलता है, “आओ बच्चू, थोड़ा दंगा करवा लो, मैं तुम्हें दंगा कराना सिखा देता हूं।” उन्होंने कहा कि सपा का झंडा लेकर चलने वाले अवैध वसूली करते थे, थानों से तहसीलों तक उनका कब्जा था और नौकरी निकलते ही ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी’ वसूली के लिए निकल पड़ती थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले भी मुख्यमंत्री होते थे, लेकिन उन्हें गोविंद साहब धाम आने की फुर्सत नहीं थी और नोएडा जाने से इसलिए डरते थे कि कहीं कुर्सी न खिसक जाए। जनता ने उनकी कुर्सी हमेशा के लिए विदा कर दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जलालपुर, आलापुर और टांडा विधानसभा क्षेत्रों की 706 करोड़ रुपये से अधिक की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। उन्होंने लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाणपत्र और चेक वितरित किए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार बहुत जल्द युवा नीति लाएगी, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्किलिंग और रोजगार पर फोकस होगा। साथ ही नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के जरिए सिद्धार्थनगर के बांसी से बस्ती होते हुए प्रयागराज को जोड़ने और इस मार्ग को चित्रकूट से आगे सुदूर दक्षिण भारत तक ले जाने की योजना है, जिसका महत्वपूर्ण केंद्र अंबेडकरनगर बनेगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की विकास और गरीबों के उत्थान में कोई रुचि नहीं है। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त का दिन इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वर्ष 1905 में इसी दिन स्वाधीनता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए 'स्वदेशी' को अपना मंत्र बनाया था। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कटेहरी उपचुनाव में जनता ने धर्मराज निषाद को विजयी बनाया था। इसके बाद आज उन्हें एक बार फिर क्षेत्र में आने का अवसर मिला है। गोविंद साहब धाम आने का यह उनका पहला अवसर है और संभवतः वह यहां आने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं। सैकड़ों वर्षों से आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र रहा यह पवित्र धाम लोगों को अपनी विरासत से जुड़ने की प्रेरणा देता है। गोविंद साहब की पवित्र समाधि और नवनिर्मित राम-जानकी मंदिर में दर्शन कर उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति हुई।


हमारे जनप्रतिनिधियों ने जो कहा है, उसके अनुरूप मेले को राजकीय परंपरा और सुविधाओं से जोड़ेंगे

उन्होंने कहा कि माघ मेले में यहां बहुत बड़ा मेला लगता है। लाखों श्रद्धालु आते हैं। सर्दी की ठिठुरन के बावजूद अपनी विरासत के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता ज्ञापित करने का भाव यहां के लोगों में रहता है। अब यह मेला राजकीय मेले के रूप में मान्यता प्राप्त करेगा। हमारे जनप्रतिनिधियों ने जो कहा है, उसके अनुरूप इस मेले को हम राजकीय परंपरा और सुविधाओं से जोड़ेंगे। जब विगत वर्ष कटेहरी चुनाव के तत्काल बाद आया था, तब 1500 करोड़ रुपये की सौगात देकर यहां का कर्ज चुकता करने के लिए आया था और आज 706 करोड़ रुपये का यह उपहार अंबेडकर नगर वासियों को प्रदान करता हूं।

विकास का मॉडल देखना है तो अंबेडकर नगर आकर देखिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का मॉडल देखना है तो अंबेडकर नगर आकर देखिए। जनपद एक नहीं, बल्कि दो-दो एक्सप्रेसवे से जुड़ चुका है। यहां के मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण करके लोगों को ट्रॉमा और इमरजेंसी सेवाओं की सुविधा मिले, सरकार ने इन सभी कार्यों को किया है। कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की तीन महत्वपूर्ण आधारशिलाएं विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका हैं। तीनों के कार्यक्षेत्र, सीमाएं और लक्ष्मण रेखाएं तय हैं। आपसी समन्वय के साथ ये तीनों संस्थाएं विकास कार्यों को गति देने का काम करती हैं।

विधानसभा में समाजवादी पार्टी ने हो-हल्ला और कोहराम मचाया

उन्होंने कहा कि हाल ही में विधानसभा में सरकार 59 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट लेकर आई थी। उम्मीद थी कि सत्ता पक्ष और सहयोगी दलों के साथ विपक्ष भी इस पर चर्चा में रुचि दिखाएगा। बजट में युवाओं के रोजगार, अन्नदाता किसानों के उन्नयन, महिलाओं के स्वावलंबन और गरीबों के कल्याण के लिए नई योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रावधान किया गया है। लेकिन समाजवादी पार्टी ने हो-हल्ला और कोहराम मचाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुपूरक बजट में सामाजिक न्याय की विभूतियों, महापुरुषों, संतों और ऋषियों के सम्मान के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया गया था। महर्षि वाल्मीकि, सद्गुरु संत रविदास, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, छत्रपति शाहू जी महाराज और ज्योतिबा फुले समेत अन्य महापुरुषों से जुड़े स्मारकों और प्रतिमाओं पर छतरी लगाने के साथ सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल और गेट के निर्माण की व्यवस्था की गई थी। अनुपूरक बजट में आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई थी। कोटेदारों का इंसेंटिव और ग्राम चौकीदारों का मानदेय बढ़ाने का भी प्रावधान किया गया था, लेकिन समाजवादी पार्टी ने विधानसभा नहीं चलने दी। क्योंकि समाजवादी पार्टी की विकास और गरीबों के उत्थान में कोई रुचि नहीं है।

सपा सरकार में पैसे दिए बिना नौकरी नहीं मिलती थी

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओम प्रकाश राजभर ने भी पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान प्रदेश में अराजकता और गुंडागर्दी का जिक्र किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरियां नहीं मिलती थीं। नौकरी का विज्ञापन निकलते ही 'चाचा-भतीजे की जोड़ी' वसूली के लिए निकल पड़ती थी। नौकरियों में भाई-भतीजावाद हावी था और युवाओं के हक पर डाका डाला जाता था। पैसे दिए बिना नौकरी नहीं मिलती थी, जिससे योग्य युवा भी खुद को ठगा महसूस करते थे। उस समय पठन-पाठन का माहौल चौपट और कानून-व्यवस्था तहस-नहस थी। आए दिन दंगे होते थे। कभी सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, मुरादाबाद, हापुड़, अलीगढ़, एटा, मथुरा, लखनऊ तो कभी कानपुर और प्रयागराज में दंगे होते थे।

उन्होंने कहा कि पहले दंगों के कारण उत्तर प्रदेश का माहौल इतना खराब हो गया था कि प्रदेश के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। हस्तशिल्पी और कारीगर पलायन को मजबूर थे, जबकि व्यापारी त्रस्त थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा का झंडा लेकर चलने वाले लोग अवैध वसूली करते थे। गुंडागर्दी चरम पर पहुंच गई थी। हालात ऐसे थे कि लोगों में यह धारणा बन गई थी 'जिस गाड़ी में सपा का झंडा, समझो होगा उसमें कोई सपा का गुंडा।' अन्नदाता किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे थे और कारीगर पलायन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सपा ने हर जिले में एक-एक माफिया पाल रखा था। कहीं बालू माफिया, कहीं भूमि माफिया, कहीं वन माफिया तो कहीं पशु माफिया सक्रिय थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को भी बताया जाना चाहिए कि उस दौर में किस तरह की अराजकता फैली हुई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश माफिया, गुंडा और कर्फ्यू से मुक्त है। नौजवानों के सामने पहचान का संकट नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार मिल रहा है। प्रदेश सरकार नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं के हितों से खिलवाड़ करने वालों को जेल भेजने के साथ उनकी बाप-दादों की कमाई तक जब्त कर गरीबों में बांट दी जाएगी। आज छात्रों के भविष्य, छात्रवृत्ति और नौजवानों के हक पर कोई डाका नहीं डाल सकता। बेटी से छेड़खानी या व्यापारी को धमकाने का भी कोई दुस्साहस नहीं कर सकता। सरकार ने तय कर रखा है कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए दो ही जगह हैं, जेल या जहन्नुम, तीसरी कोई जगह नहीं।

उन्होंने कहा कि सपा सरकार में हर जिले में एक माफिया और सत्ता के समानांतर उसकी सत्ता चलती थी। तब 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया' था,  आज 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट', 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज' और 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन' है। सरकार हर जिले के व्यंजनों को भी पहचान देकर आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों के जीवन में बदलाव और हर गरीब को उसका अधिकार दिलाने के लिए काम कर रही है। प्रदेश में 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और 10 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये तक के आयुष्मान भारत का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे जन्म से मूक-बधिर हैं, उनकी सर्जरी में छह लाख रुपये तक खर्च हो रहे हैं। सरकार ने तय किया है कि इसका पूरा खर्च वह उठाएगी। जो बच्चे निराश्रित हैं या कोविड कालखंड में अपने माता अथवा पिता को खो चुके हैं, उनका पूरा खर्च सरकार मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत उठा रही है। उन्हें चार हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई गरीब बीमार है तो वह किसी भी जाति, क्षेत्र, मत या मजहब का हो, हमारे लिए वह प्रदेश का नागरिक है। अगर उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है तो मुख्यमंत्री राहत कोष से उसके उपचार के लिए पैसा दिया जाएगा। जनप्रतिनिधि उसकी सिफारिश करेंगे और इलाज के खर्च का भार सरकार उठाएगी। निराश्रित महिलाओं को निराश्रित महिला पेंशन, बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगजनों को दिव्यांगजन पेंशन दी जा रही है। एक करोड़ 10 लाख परिवारों को पेंशन की सुविधा का लाभ प्रदान किया जा रहा है। आज हर गांव को कनेक्टिविटी और बिजली से जोड़ने के साथ हर खेत तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2017 से पहले यह मौसम इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, कालाजार और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के लिए जाना जाता था, जिससे बच्चों में भय रहता था।

बच्चों के हंसते चेहरे बता रहे कि उनका भविष्य सुरक्षित है

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नप्राशन के दौरान मां की गोद में आए दो बच्चों को जब उन्होंने अपनी गोद में लिया तो उनके हंसते चेहरे बता रहे थे कि उनका भविष्य सुरक्षित है। डबल इंजन की सरकार उनके बचपन को सुरक्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के समय हर साल 1200 से 1500 बच्चे इंसेफेलाइटिस के शिकार होते थे, लेकिन इनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं होती थी। विकास के लिए सरकार के पास विजन और उसके लिए समय होना चाहिए। 

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले भी मुख्यमंत्री होते थे, लेकिन क्या उन्हें गोविंद साहब धाम आने की फुर्सत नहीं मिली थी? पिछले दिनों उन्हें श्रवण धाम और शिव बाबा धाम में भी आने का अवसर मिला था। पहले के मुख्यमंत्री इन स्थानों पर क्यों नहीं आते थे? वर्ष 2017 से पहले मुख्यमंत्री को फुर्सत नहीं थी। वे नोएडा नहीं जाते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि वहां जाने से कुर्सी खिसक जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब वह मुख्यमंत्री बने और स्वयं नोएडा जाने का कार्यक्रम बनाया तो उन्हें भी बताया गया कि वहां जाने से कुर्सी चली जाती है। इस पर उन्होंने कहा कि जो कुर्सी कल जानी है, वह आज चली जाए तो भी ठीक है। हम जनता के लिए आए हैं और जनता की सुनवाई करेंगे। पहले के लोग इसलिए वहां जाने से डरते थे कि कहीं कुर्सी न चली जाए, लेकिन जनता ने उनकी कुर्सी को हमेशा के लिए विदा कर दिया।

संभल में समाजवादी पार्टी के एक गुंडे ने दंगा कराने का प्रयास किया तो आज नाक रगड़ रहा है

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोपहर 12 बजे सोकर उठने वाले लोग हैं। 12 बजे सोकर उठेंगे, दो बजे 'बबुआ' तैयार होंगे और उसके बाद उनके 'चच्चू' उन्हें कुछ सिखाएंगे। फिर एक ट्वीट करेंगे और जिम चले जाएंगे। जिम से वापस आएंगे तो महफिल जम जाएगी और फिर उन्हें इतना होश नहीं रहता कि वे इस देश में हैं या देश से बाहर कहीं और हैं।
उन्होंने कहा कि जिनसे स्वयं को नहीं संभाला जा रहा, वे प्रदेश और 25 करोड़ जनता को क्या संभालते। इसीलिए उस समय दंगे होते थे और दंगाइयों के सामने समाजवादी पार्टी की सरकार घुटने टेकती थी। संभल में समाजवादी पार्टी के एक गुंडे ने दंगा कराने का प्रयास किया तो सरकार उसे घुटनों पर लाकर आज नाक रगड़वा रही है।

उन्होंने कहा कि बरेली में भी एक गुंडा दंगा करवाता था और लगातार अव्यवस्था पैदा करता था। उसने एक बार धमकी दी तो प्रशासन थोड़ा सहमा। मैंने कहा कि चिंता मत करो, तैयारी करो। उसने धमकी दी है तो उसे एक बार आने दीजिए और एक बार में निपटो। उन्होंने कहा कि आज वह मौलाना जेल में कष्ट उठाकर नाक रगड़ रहा है और कह रहा है 'साहब, बख्श दो। एक बार जान बख्श दो, आगे से गलती नहीं करेंगे, दंगा नहीं करेंगे।'
उन्होंने कहा कि पहले इन दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था और आज जब कोई धमकी देता है कि दंगा करवा देंगे तो मैं कहता हूं 'आओ बच्चू, थोड़ा दंगा करवा लो, मैं तुम्हें दंगा कराना सिखा देता हूं कि कैसा दंगा होता है।' मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 'यूपी में नो कर्फ्यू, नो दंगा और यूपी में है अब सब चंगा।' उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस यह काम नहीं कर सकती थीं, क्योंकि ये भारत की विरासत का अपमान करने वाले लोग हैं।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने महाराजा सुहेलदेव का अपमान किया था। उनका स्मारक नहीं बनने दिया गया, बल्कि विदेशी आक्रांता सालार मसूद के नाम पर गाजी मियां का मेला लगाना प्रारंभ कर दिया गया था। हमारी सरकार आई तो तय किया कि किसी विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई कार्यक्रम नहीं होने देंगे। आयोजन होंगे तो महाराजा सुहेलदेव के नाम पर होंगे। आज उसी बहराइच में मेडिकल कॉलेज का नामकरण महाराजा सुहेलदेव के नाम पर किया गया है। वहां महाराजा सुहेलदेव की 56 फुट ऊंची भव्य प्रतिमा उनके विजय स्मारक के रूप में स्थापित है, जो भारत के सनातन की ध्वजा को लेकर देश को गौरव की अनुभूति कराती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उसी स्थान पर महाराजा सुहेलदेव ने तीन लाख की सेना के साथ सालार मसूद गाजी को पराजित किया था। आज महाराजा सुहेलदेव के नाम पर आजमगढ़ में विश्वविद्यालय संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को वीरांगना झलकारी बाई कोरी, महारानी दुर्गावती, वीरांगना अवंती बाई लोधी और वीरांगना ऊदा देवी पासी को सम्मान देने की फुर्सत नहीं थी। मुझे प्रसन्नता है कि हमारी डबल इंजन की एनडीए सरकार ने वीरांगना ऊदा देवी, वीरांगना झलकारी बाई कोरी और वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर महिला पीएसी की तीन बटालियनों का गठन किया है। इनमें प्रदेश की बेटियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और वे प्रदेश की सुरक्षा के लिए दुर्गा वाहिनी के रूप में निकलकर गुंडों और अपराधियों का काम तमाम करेंगी।

नए उत्तर प्रदेश में आज यहां के लोगों को देश में जहां कहीं भी जाने पर सम्मान मिलता है। नौ वर्ष पहले प्रदेश के लोगों को बाहर सम्मान के लिए तरसना पड़ता था। यूपी का नाम सुनकर लोग दूर भागते थे। अगर किसी के पास अंबेडकर नगर या उत्तर प्रदेश का कोई व्यक्ति बैठता था तो प्रदेश का नाम सुनकर लोग 10 कदम पीछे हट जाते थे। आज स्थिति बदल चुकी है। अब उत्तर प्रदेश का नाम सुनकर 10 कदम दूर बैठा व्यक्ति भी पास आकर गले मिलने के लिए उतावला होता है। सामने वाले के चेहरे की चमक बताती है कि आज वह भी यूपी के नाम पर गौरव की अनुभूति कर रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान को यह गौरव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मिला है। वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भगवान श्रीराम की पावन जन्मस्थली पर भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है। आज नई अयोध्या अपने वैभव के साथ दुनिया के सामने है। प्रयागराज जाएंगे तो बदला हुआ प्रयागराज दिखाई देगा। मां विंध्यवासिनी धाम का स्वरूप बदल चुका है। नैमिषारण्य में नया नैमिषारण्य नजर आता है और मथुरा-वृंदावन एक बार फिर द्वापर युग और कृष्ण कन्हैया की स्मृतियों को जीवंत कर रहा है।

अब कोई भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न नहीं खड़ा कर सकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि यही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को खटक रहा है कि अयोध्या को सम्मान कैसे मिल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, जबकि कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व पर ही प्रश्न खड़ा करने का प्रयास किया था। अब कोई भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न नहीं खड़ा कर सकता। भगवान राम का दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर आज अयोध्या धाम में बन गया है और लाखों श्रद्धालु वहां पहुंचकर प्रभु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं।

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर हर जिले में एक एम्प्लॉयमेंट जोन बनेगा

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने उनकी स्किलिंग, रोजगार और अच्छी शिक्षा के साथ उन्हें हर जगह सम्मान दिलाने के लिए योजनाएं बनाई हैं। उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और प्रतियोगी परीक्षाओं में उन्हें अग्रणी भूमिका में आगे बढ़ाने के लिए अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था का विस्तार किया गया है। सरकार बहुत जल्द युवा नीति लाने जा रही है। युवा ही नेतृत्व करेगा और अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, स्किलिंग और रोजगार के लिए आगे बढ़कर काम करेगा। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर हर जिले में एक एम्प्लॉयमेंट जोन बनाया जाएगा, जिसमें युवाओं की स्किलिंग के साथ रोजगार की भी व्यवस्था होगी। सरकार इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार निषादराज को सम्मान मिला है। श्रृंगवेरपुर जाने पर भगवान श्रीराम और निषादराज के गले मिलते हुए भव्य प्रतिमा त्रेता युग का स्मरण कराती है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों ने जो मुद्दे उनके सामने रखे हैं, सरकार उन पर कार्य करेगी। जहां बस स्टैंड की आवश्यकता होगी, वहां बस स्टैंड बनाए जाएंगे। जहां अतिरिक्त अस्पताल बनाने या अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता होगी, सरकार वह भी करेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर, रोड कनेक्टिविटी और टेक्सटाइल पार्क के लिए जो भी आवश्यक होगा, सरकार करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के गुंडों को कोई अवसर नहीं देना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के समय इसी जनपद के होनहार कार्यकर्ता रामबाबू गुप्ता की हत्या समाजवादी पार्टी के गुंडों ने कर दी थी। उस समय भी वह अंबेडकर नगर आए थे। आज सरकार जिस सख्ती से गुंडों से निपट रही है, उसने हर बच्चे के भविष्य को उज्ज्वल किया है। हर बहन-बेटी को सम्मान और हर व्यापारी को सुरक्षा प्रदान की है। अन्नदाता किसानों के चेहरे पर खुशहाली आई है और हर कारीगर सम्मान के साथ अपनी कारीगरी एवं हस्तशिल्प के वैभव को वैश्विक पटल पर ले जा सकता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों को लेकर उनके पास या तो रितेश पांडे आते हैं, कटेहरी विधायक धर्मराज निषाद आते हैं, विधान परिषद सदस्य डॉ. हरिओम पांडे आते हैं या क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के लोगों की विकास में कोई रुचि नहीं है। उनका पशु तस्करी का धंधा चौपट हुआ है। विकास कार्यों में सेंध लगाने वालों को रोका गया है। जमीनों पर कब्जा और अवैध खनन रोका गया है। इन गतिविधियों पर रोक लगाकर वही पैसा विकास कार्यों में लगाया जा रहा है और इसका परिणाम आज अंबेडकर नगर में दिखाई दे रहा है।

इस दौरान प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश राजभर, भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, जिलाध्यक्ष दिलीप पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा 'साधु', विधान परिषद सदस्य डॉ. हरिओम पांडे, विधायक कटेहरी धर्मराज निषाद, पूर्व सांसद रितेश पांडे, पूर्व विधायक त्रिवेणी राम, पूर्व विधायक जयराम विमल आदि उपस्थित थे।

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