तंबाकू बच्चों के बचपन का सबसे बड़ा दुश्मन बन रहा : ज्योति बाबा

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तंबाकू बच्चों के बचपन का सबसे बड़ा दुश्मन बन रहा : ज्योति बाबा


कानपुर, 31 मई (हि.स.)। तंबाकू अब सिर्फ एक लत नहीं, बल्कि बच्चों के बचपन की कब्र बन चुका है। जिस उम्र में बच्चों के हाथ में किताब होनी चाहिए, उस उम्र में सिगरेट और तंबाकू पहुंच रहा है। स्कूलों के बाहर टॉफी के साथ कैंसर बिक रहा है और इसे रोकने के लिए समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा। यह बातें रविवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर आयोजित राष्ट्रीय ई-संगोष्ठी में नशा मुक्ति परिवार आंदोलन के प्रणेता ज्योति बाबा ने कहीं।

सोसाइटी योग ज्योति इंडिया और सूर्योदय फाउंडेशन प्रयागराज के तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी का विषय “क्या तंबाकू और सिगरेट बच्चों का बचपन खत्म कर रहे हैं” था। कार्यक्रम में देशभर से जुड़े विशेषज्ञों, समाजसेवियों और स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने तंबाकू सेवन के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की।

ज्योति बाबा ने कहा कि भारत में 13 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बड़ी संख्या में बच्चे किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ई-सिगरेट, फ्लेवर्ड हुक्का और अन्य तंबाकू उत्पादों को आकर्षक बनाकर किशोरों तक पहुंचाया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।

सूर्योदय फाउंडेशन के संस्थापक धीरेंद्र राय ने कहा कि भारत में तंबाकू के कारण हर वर्ष 13 लाख से अधिक लोगों की मौत होती है और अधिकांश मामलों में इसकी शुरुआत 18 वर्ष की आयु से पहले हो जाती है। हिंदू जागरण मंच के प्रांत प्रमुख पियूष रंजन सनातनी ने कहा कि निकोटिन बच्चों के मानसिक विकास को प्रभावित करता है और उनकी पढ़ाई तथा व्यवहार पर नकारात्मक असर डालता है।

कार्यक्रम में नशे की लत से बाहर आए युवाओं और उनके परिजनों ने अपने अनुभव साझा किए। गीता देवी ने कहा कि उनका बेटा डॉक्टर बनना चाहता था, लेकिन नशे की गिरफ्त में आने के बाद उसकी जिंदगी की दिशा बदल गई। उनकी भावुक अपील ने उपस्थित लोगों को झकझोर दिया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को पगड़ी, अंगवस्त्र, माला और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि ज्योति बाबा पिछले 35 वर्षों से नशामुक्ति के लिए निरंतर अभियान चला रहे हैं और बच्चों को तंबाकू से बचाने का यह प्रयास सराहनीय है।

राष्ट्रीय अटल आरोग्य संघ के अध्यक्ष डॉ. अतुल कुमार मिश्रा ने पांच सूत्रीय संकल्प पेश करते हुए स्कूल-कॉलेजों के 500 मीटर दायरे में तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, अभिभावकों द्वारा नियमित निगरानी और मोहल्ला स्तर पर नशामुक्ति समितियों के गठन की मांग उठाई।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. सुलोचना दीक्षित और सुश्री गीता ने तंबाकूमुक्त समाज बनाने का आह्वान किया। वहीं ज्योति बाबा ने सभी प्रतिभागियों को तंबाकूमुक्त बचपन और नशामुक्त समाज की शपथ दिलाई।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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