टिश्यू कल्चर केले की खेती से किसान की आय में तीन गुना मुनाफा

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टिश्यू कल्चर केले की खेती से किसान की आय में तीन गुना मुनाफा


-एक हेक्टेयर में 3086 पौधे, 750 क्विंटल उत्पादन का रिकॉर्ड

-11 माह में तैयार फसल, प्रति घार बनी 30–35 किलो वजन

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजनाओं से बागवानी को मिला नया प्रोत्साहन

अयोध्या, 23 फ़रवरी (हि.स.)। जिले के पूराबाजार विकासखंड के ग्राम दतौली निवासी विजय कुमार वर्मा पुत्र राम सनेही वर्मा ने टिश्यू कल्चर विधि से केले की खेती कर आय में जबरदस्त इजाफा कर लिया। 1.5 लाख की लागत में पांच लाख रुपये की आमदनी की। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से की गई इस खेती से न केवल उच्च उत्पादन हासिल किया, बल्कि कम लागत में अच्छी कमाई भी की, जिससे वे अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं।

विजय वर्मा ने योगी सरकार की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत वर्ष 2024-25 में उद्यान विभाग से संपर्क किया। विभाग के अधिकारियों ने उन्हें टिश्यू कल्चर केले की खेती की विस्तृत जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने 1 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी शुरुआत की। उन्होंने 3086 पौधे रोपित किए, जो 6×6 फीट की मानक दूरी पर लगाए गए। प्रत्येक गड्ढे में 7-8 किलोग्राम सड़ी गोबर खाद और 30-40 ग्राम एनपीके उर्वरक डालकर गड्ढों की भराई की गई। रोपाई के बाद हल्की सिंचाई की गई। खेती के दौरान उन्होंने नियमित रूप से निराई-गुड़ाई, सिंचाई, संतुलित उर्वरकों का प्रयोग और कॉपर ऑक्सीक्लोराइड जैसे फफूंदनाशकों का छिड़काव किया। बगल से निकलने वाले कल्लों (सकर्स) को समय-समय पर काटते रहे, जिससे पौधों को बेहतर पोषण मिला। फसल लगभग 11-12 महीने में तैयार हुई। फूल आने के बाद घार (बंच) बनी, जिसमें औसतन 9-10 पंजे (हाथ) थे और प्रत्येक घार का वजन 30-35 किलोग्राम रहा। इस वैज्ञानिक विधि से उन्होंने 1 हेक्टेयर में कुल 750 कुंतल (75 टन) केला उत्पादित किया, जो क्षेत्र में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है।

उद्यान विभाग के सहयोग के लिए जताया आभार

उत्पादित केले को स्थानीय पूराबाजार नवीन सब्जी मंडी, अयोध्या में 700 से 850 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचा गया। कुल आमदनी लगभग 5 लाख रुपये रही, जबकि कुल खर्च मात्र 1.5 लाख रुपये हुआ। इस प्रकार शुद्ध बचत 3.5 लाख रुपये रही। विजय वर्मा बताते हैं कि टिश्यू कल्चर पौधे रोगमुक्त और एकसमान विकास वाले होते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ता है और बाजार में बेहतर मूल्य मिलता है। उन्होंने उद्यान विभाग के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।

अधिक लाभ कमा आत्मनिर्भर बन सकते हैं किसान

यह सफलता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बागवानी प्रोत्साहन योजनाओं का जीता-जागता उदाहरण है, जिनके तहत किसानों को सब्सिडी, तकनीकी मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसी खेती से छोटे किसान भी कम समय में अधिक लाभ कमा सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

बनाया जा सकता है लाभकारी व्यवसाय

जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि विजय वर्मा की यह उपलब्धि साबित करती है कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करके कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। अन्य किसान भी इस मॉडल को अपनाकर अपनी आय दोगुनी-तिगुनी कर सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय

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