गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में युवा महोत्सव 22 से
गोरखपुर, 21 फ़रवरी (हि.स.)। पूर्वांचल की शैक्षिक धरती पर तीन दशकों से अधिक समय से ज्ञान, संस्कार और आत्मनिर्भरता का दीप प्रज्वलित किए हुए गंगोत्री देवी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय इस वर्ष अपनी स्थापना के 35 वर्ष पूर्ण कर रहा है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में 22 से 24 फरवरी 2026 तक त्रिदिवसीय “युवा महोत्सव–2026” का भव्य आयोजन महाविद्यालय परिसर में किया जा रहा है। यह आयोजन सांस्कृतिक उत्सव के साथ नारी शिक्षा की निरंतर साधना और सामाजिक परिवर्तन की संकल्प-यात्रा का सार्वजनिक उत्सव है।
उद्घाटन सत्र: शिक्षा और नेतृत्व का संगम
महोत्सव का शुभारंभ 22 फरवरी को प्रातः 10:30 बजे होगा। उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन होंगी। उनका संबोधन उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान और समावेशी विकास की दिशा में नई दृष्टि प्रदान करेगा।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. दिव्या रानी सिंह, विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, समारोह की शोभा बढ़ाएंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की संरक्षिका श्रीमती रीना त्रिपाठी करेंगी।
उद्घाटन सत्र दीप प्रज्ज्वलन, स्वागत भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से आरंभ होगा। छात्राओं द्वारा संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां महोत्सव की सांस्कृतिक समृद्धि को अभिव्यक्त करेंगी।
पूर्व छात्रा सम्मेलन: अनुभव और प्रेरणा का सेतु
23 फरवरी को आयोजित “पूर्व छात्रा सम्मेलन” महाविद्यालय की 35 वर्षीय यात्रा का भावनात्मक और ऐतिहासिक आयाम प्रस्तुत करेगा। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित कर चुकी पूर्व छात्राएं अपने अनुभव साझा करेंगी। यह सम्मेलन वर्तमान छात्राओं के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का सशक्त मंच बनेगा। इस अवसर पर उत्कृष्ट पूर्व छात्राओं का सम्मान भी किया जाएगा, जो संस्था की उपलब्धियों का जीवंत प्रमाण हैं।
24 फरवरी को समापन सत्र में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या और पुरस्कार वितरण समारोह महोत्सव को गरिमामय पूर्णता प्रदान करेंगे। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी, जिनमें छात्राओं की बहुआयामी प्रतिभा का प्रदर्शन होगा।
पैंतीस वर्षों की संस्थागत उपलब्धियां
सन् 1991 में स्थापित इस महाविद्यालय ने सीमित संसाधनों से प्रारंभ कर आज क्षेत्र की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में अपना सशक्त स्थान बनाया है। लाखों छात्राएँ यहाँ से शिक्षा ग्रहण कर प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा और अन्य विविध क्षेत्रों में योगदान दे रही हैं। संस्था ने शिक्षा को सदैव मूल्य-आधारित और व्यक्तित्व-केंद्रित दृष्टिकोण से देखा है। प्रधानाचार्या डॉ. गौरी पाण्डेय ने कहा कि “यह महोत्सव छात्राओं के सर्वांगीण विकास और उनकी रचनात्मक क्षमता के उत्सव का अवसर है।
मैनेजिंग डायरेक्टर इंजी. आशुतोष मिश्र ने अपने वक्तव्य में कहा कि पैंतीस वर्षों की यह यात्रा समाज के विश्वास और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। हमारा उद्देश्य छात्राओं को आधुनिक ज्ञान, कौशल और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के समन्वय से सशक्त बनाना है।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

