विभिन्न मांगों को लेकर श्रमिकों का धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी रहा जारी

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विभिन्न मांगों को लेकर श्रमिकों का धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी रहा जारी


नोएडा, 11 अप्रैल (हि.स.)। नोएडा के विभिन्न जगहाें पर स्थित फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक वेतन बढ़ाने की मांग पर अड़े कर्मचारियों का प्रदर्शन तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। श्रमायुक्त, डीसीपी ट्रैफिक समेत कई अधिकारियों ने कंपनियों के मालिकों से करीब सात घंटे बातचीत की। इसमें कर्मचारियों के सभी मांगों को लिखित रूप में मान लिया गया, लेकिन वेतन वृद्धि पर बात अटक गई। इससे नाराज कर्मचारी देर रात तक नोएडा, दादरी सूरजपुर रोड पर जाम लगाए रहे।

बीपीएल मंडी से आगे एनएसईजेड रोड पर भंगेल एलिवेटेड रैंप के पास सुबह 09 बजे से ही करीब 500 से ज्यादा कर्मचारी पहुंच गए। उन्होंने एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के पास चौराहे को जाम कर दिया। ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट और एसएनडी समेत करीब छह होजरी कंपनियों के कर्मचारी पिछले तीन दिनों से वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में शामिल महिलाओं ने कहा कि धूप कितनी भी तेज हो, भूख लगी हो, पैर में छाले पड़े लेकिन मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदर्शन जारी रहेगा। अभी हम पर्स में लंच लेकर आते हैं। आगे पत्थर लेकर आएंगे।

ट्रैफिक पुलिस ने प्रदर्शन के चलते नोएडा-दादरी-सूरजपुर रोड पर डायवर्जन किया। भंगेल एलिवेटेड रोड को भी पूरी तरह से बंद करना पड़ा। एनएसईजेड की तरफ से गुजरने वाले वाहनों को भी डायवर्ट किया गया। इसके अलावा श्रमिकों ने ईकोटेक -3 क्षेत्र तथा सेक्टर 63 क्षेत्र में भी जमकर धरना प्रदर्शन किया। कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शन कारी श्रमिकों के बीच झड़प भी हुई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें तितर-बितर किया। अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि जिला प्रशासन, श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त कमेटी बनाकर श्रमिकों से वार्ता की गई।

श्रमिक नेता आरपी चौहान ने बताया कि श्रमिकों की मांग है कि कम से कम 20 हजार रुपये मासिक वेतन हो। किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक रूप से सेवा से न निकाला जाए। ओवरटाइम का भुगतान दुगनी दर से किया जाए। कोई कटौती न हो। हर कर्मी को साप्ताहिक अवकाश मिले। रविवार को काम कराया जाए तो उसे दोगुना भुगतान मिले। बैंक खाते में 30 नवंबर तक बोनस दिया जाए। सभी कंपनियों में यौन उत्पीड़न रोकथाम के लिए समिति गठित हो जिसकी अध्यक्ष महिला हो। शिकायत पेटी लगाई जाए और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।

उन्होंने बताया की मांग है कि वेतन 10 तारीख तक दे दिया जाए। वेतन पर्ची भी दी जाए। आंदोलन में शामिल कर्मचारी को काम से न निकाला जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी

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