दीपावली पर काशी को योगी सरकार की बड़ी सौगात, दिल्ली के लिए शुरू हुई देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

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वाराणसी और नई दिल्ली के बीच मजबूत हुई रेल कनेक्टिविटी, रात का सफर होगा तेज और आरामदायक

वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनों का शुभारंभ, मात्र 95 रुपये में महीनेभर का सफर

बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच भी शुरू हुई नई ट्रेन सेवा, 220 रुपये में महीनेभर कर सकेंगे यात्रा

वाराणसी, 31 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी और यातायात सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दीपावली के अवसर पर काशी को रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात मिली है। देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ रेल कनेक्टिविटी और मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में वाराणसी-नई दिल्ली के बीच देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेन सेवाओं और बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

दीपावली पर काशी को योगी सरकार की बड़ी सौगात, दिल्ली के लिए शुरू हुई देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

काशी में पूरे साल देश-विदेश से श्रद्धालुओं, पर्यटकों, विद्यार्थियों और कारोबारियों का आवागमन रहता है। ऐसे में नई दिल्ली के साथ रात्रिकालीन रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से धार्मिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को सहूलियत मिलेगी। वहीं, स्थानीय स्तर पर शुरू हुई मेमू ट्रेन सेवाओं से शहर और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा। योगी सरकार के प्रयासों से रेल सुविधाओं का यह विस्तार काशी के साथ-साथ आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए भी सुविधाजनक यात्रा के नए विकल्प उपलब्ध कराएगा।

क्षेत्रीय जनता की मांग पर शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

वाराणसी से नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की मांग क्षेत्रीय जनता लंबे समय से कर रही थी। यात्रियों की जरूरत और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में कदम उठाया गया है। नई ट्रेन से यात्री रात में वाराणसी से दिल्ली पहुंच सकेंगे और दिनभर अपने जरूरी कार्य निपटाने के बाद रात में वापस वाराणसी के लिए रवाना हो सकेंगे। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों का समय बचेगा और उन्हें आरामदायक रेल सफर का विकल्प मिलेगा।

दीपावली पर काशी को योगी सरकार की बड़ी सौगात, दिल्ली के लिए शुरू हुई देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

ट्रेन नंबर, समय और ठहराव

ट्रेन संख्या 27421 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी से रात 20:50 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 06:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 27422 नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन नई दिल्ली से रात 21:40 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 07:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। यह ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर रुकेगी।

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सप्ताह में छह दिन होगा संचालन

ट्रेन संख्या 27421 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी से प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शनिवार और रविवार को चलेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 27422 नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन नई दिल्ली से प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित होगी।

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस है वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारत की अगली पीढ़ी की लंबी दूरी की सेमी हाईस्पीड ट्रेन है। इसे रात्रिकालीन यात्रा को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह मौजूदा वंदे भारत चेयरकार ट्रेन का स्लीपर संस्करण है।

160 किलोमीटर प्रति घंटा है अधिकतम परिचालन गति

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 16 कोच वाला सेल्फ-प्रोपल्ड ट्रेन सेट है। इसे 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसकी अधिकतम परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित है और इसमें प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय श्रेणी के एसी कोच हैं। इनमें कुल 823 बर्थ उपलब्ध हैं।

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ऊर्जा दक्षता और बेहतर प्रदर्शन

ट्रेन में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम और डिब्बों के नीचे स्थापित प्रणोदन प्रणाली दी गई है। इसका उन्नत वायुगतिकीय डिजाइन यात्रा को अधिक सहज बनाने और झटकों को कम करने में मदद करेगा।

आधुनिक डिजाइन और बेहतर सुविधाएं

ट्रेन के डिब्बे ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील से निर्मित हैं, जो EN15227 दुर्घटना सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं। इसमें पूरी तरह सीलबंद लचीला गैंगवे और त्वरित रिलीज की व्यवस्था है। डिब्बों में केंद्रीय रूप से नियंत्रित एकल पल्ले वाले स्वचालित स्लाइडिंग प्लग दरवाजे, शोर कम करने के लिए ध्वनि अवरोधक व्यवस्था और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष एलईडी प्रकाश की सुविधा दी गई है। इसके साथ सेंसर आधारित इंटरकम्युनिकेशन डोर भी उपलब्ध है।

सुरक्षा और संरक्षा पर विशेष ध्यान

यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेन में EN45545 HL3 अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं की गई हैं। डिब्बों के अंतिम हिस्सों में अग्निरोधी दरवाजे, ट्रेन टक्कर से बचाव प्रणाली (टीसीएएस), आपदा प्रबंधन के लिए विशेष लाइट, धुआं और आग का पता लगाने वाली प्रणाली तथा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए आपातकालीन अलार्म पुश बटन भी उपलब्ध हैं।

आरामदायक सफर के लिए आधुनिक इंतजाम

ट्रेन में वैक्यूम निकासी प्रणाली वाले आधुनिक, आरामदायक और दुर्गंध रहित शौचालय हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ और शौचालय की व्यवस्था की गई है। यात्रियों को सामान रखने की पर्याप्त जगह, तीन पिन वाले चार्जिंग सॉकेट और स्विच के साथ एकीकृत बीआरएल, टाइप-ए और टाइप-सी यूएसबी चार्जिंग पोर्ट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा पीएपीआईएस आधारित चालक, गार्ड और यात्रियों के बीच संचार प्रणाली, प्रथम वातानुकूलित श्रेणी में गर्म पानी के साथ शॉवर, एक्सेस प्वाइंट नेटवर्क के साथ वाई-फाई राउटर तथा चालक केबिन में वातानुकूलन और रेलकर्मियों के लिए शौचालय की सुविधा भी है।

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वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच महानगरों की तर्ज पर लोकल ट्रेन सेवा

वाराणसी शहर और इसके पश्चिमी क्षेत्र के बीच आवागमन को सुगम बनाने के लिए वाराणसी सिटी से राजातालाब तक लोकल ट्रेन चलाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। काशीवासियों की इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। ये ट्रेनें अपने मार्ग में वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशनों पर रुकेंगी। इस ट्रेन के लिए एसएसटी का किराया 95 रुपये निर्धारित किया गया है।

सड़क यातायात का दबाव होगा कम

इन मेमू ट्रेनों में 12 कोच होंगे। इनके संचालन से निजी और सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों, मरीजों और कारोबारियों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। स्थानीय स्तर पर रेल सेवा का विकल्प मिलने से सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा और जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। यात्री राजातालाब से रिंग रोड के रास्ते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक भी पहुंच सकेंगे।

धर्मनगरी काशी को संगम नगरी प्रयागराज से जोड़ेगी नई ट्रेन

पूर्वी उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और पर्यटन केंद्र वाराणसी और प्रयागराज के बीच यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू की गई है। क्षेत्रीय जनता लंबे समय से दोनों शहरों के बीच अतिरिक्त और किफायती रेल सेवा की मांग कर रही थी। इस सेवा के शुरू होने से वाराणसी और प्रयागराज के बीच आवागमन के लिए यात्रियों को एक और विकल्प मिलेगा। इस ट्रेन के लिए एसएसटी का किराया 220 रुपये निर्धारित किया गया है। इस ट्रेन से वाराणसी से प्रयागराज जाने वाले यात्री सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचकर कार्यालय, व्यावसायिक और अन्य जरूरी कार्य निपटा सकेंगे तथा शाम को वापस बनारस लौट सकेंगे। करीब ढाई घंटे की यात्रा में दोनों शहरों के बीच आवागमन संभव होने से विद्यार्थियों, पर्यटकों, कारोबारियों, किसानों और हाईकोर्ट में कार्य से जाने वाले लोगों को विशेष सुविधा मिलेगी। इससे यात्रियों के समय और धन दोनों की बचत होगी। इसके अतिरिक्त ट्रेन संख्या 65111/65112 बनारस-प्रयागराज रामबाग-बनारस मेमू गाड़ी का मार्ग विस्तार औंड़िहार तक किया जाएगा। इसका नियमित संचालन 1 नवंबर से होगा।

Live VNS Desk
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