तप रूपी अग्नि में जो तप जाता है वही जीव निखर जाता है : भद्रबाहु सागर

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तप रूपी अग्नि में जो तप जाता है वही जीव निखर जाता है : भद्रबाहु सागर


तप रूपी अग्नि में जो तप जाता है वही जीव निखर जाता है : भद्रबाहु सागर


मुरादाबाद, 23 सितंबर (हि.स.)। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर रामगंगा विहार मुरादाबाद में बुधवार को पर्युषण पर्व के सप्तम दिवस उत्तम तप धर्म के रूप में मनाया गया। भद्रबाहु सागर ने बताया कि आज तप के दिन हमें थोड़ा तपना होगा। तप रूपी अग्नि में जो तप जाता है वही जीव निखर जाता है।

उत्तम तप धर्म पर विराजमान भद्रबाहु सागर ने बताया कि आज तप के दिन हमें थोड़ा तपना होगा। तप रूपी अग्नि में जो तप जाता है वही जीव निखर जाता हैं। तप करते समय मायाचारी नहीं करना चाहिए तप रूपी अग्नि में जलाएंगे तभी हम तप कर सोना होंगे कुंदन बनेंगे।

शाम को संगीतकार के द्वारा गाये गए भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में डूब गए, भक्तिपूर्ण आरती, प्रतिक्रमण, व दीदी के द्वारा एक बहुत ही सुंदर प्रतियोगिता कराई गई।

इस मौके के पर इस मोके पर रामगंगा विहार जैन मंदिर के संदीप जैन (अध्यक्ष), नीरज जैन (मंत्री), सुषमा जैन (महिला अध्यक्ष), सजल जैन वकास जैन (कोषाध्यक्ष), शिवानी जैन, छवि जैन श्रुति जैन रीमा जैन निधि जैन, उषा जैन, रजनी जैन, ऋतु जैन, नीरू जैन आदि उपस्थित रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

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