चित्रकला कार्यशाला एवं प्रदर्शनी से विकसित होती हैं नई संभावनाएं : सुधीर एस. सोलंकी

WhatsApp Channel Join Now
चित्रकला कार्यशाला एवं प्रदर्शनी से विकसित होती हैं नई संभावनाएं : सुधीर एस. सोलंकी


कानपुर, 25 मार्च (हि.स.)। ऐसे कला मनीषियों (विद्वान) की उपस्थिति से न केवल संस्थान बल्कि यहाँ अध्ययनरत विद्यार्थी भी गौरवान्वित होते हैं। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स में आयोजित तीन दिवसीय चित्रकला कार्यशाला एवं प्रदर्शनी के समापन अवसर पर निदेशक डॉ. मिठाई लाल ने यह बातें सोमवार को कहीं।

23 से 25 मार्च तक आयोजित इस कार्यक्रम ने कला, सृजनशीलता और शैक्षिक आदान-प्रदान को एक सशक्त मंच प्रदान किया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों और विद्यार्थियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के निर्देशन पर प्रतिकुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। इस दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स और नमस्ते इंडिया अंतर्राष्ट्रीय कलाकार संघ के बीच विद्यार्थियों के इंटर्नशिप हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

कार्यक्रम में केरल की स्वतंत्र कलाकार मिनी सुबोध सहित इंद्रा चंद्रशेखर, वैशाली मोरे और स्मिता भामरे की उपस्थिति रही। कलाकारों ने विभिन्न माध्यमों के जरिए चित्रकला की बारीकियां साझा कीं, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला।

आयोजक सुधीर एस. सोलंकी ने बताया कि संस्था देशभर में ऐसे आयोजन करती रहती है, जिससे कला के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होती हैं। समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए गए और अतिथि कलाकारों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

Share this story