अवधी बोली में है फिल्म 'कफन' के संवाद
मुंशी प्रेमचंद की कहानी पर आधारित फिल्म ’कफन’ का लखनऊ में हुआ विशेष प्रदर्शन
लखनऊ, 16 अप्रैल (हि.स.)। लखनऊ कनेक्शन वर्ल्ड वाइड फ़ेसबुक पेज के सदस्यों के लिए रविवार को प्रसिद्ध कथाकार मुन्शी प्रेमचंद की कहानी ’कफन’ पर आधारित फिल्म का विशेष प्रदर्शन किया गया।
फिल्म का प्रदर्शन लखनऊ के गोमतीनगर स्थित द रॉयल ग्रुप के सभागार में हुआ। प्रदर्शन डॉक्टर सुभाष चंद्रा के संयोजन में हुआ। रचनाशाला बैनर के अंतर्गत बनी फिल्म ’कफन’ का प्रदर्शन दृश्य कला पहल ट्रस्ट लखनऊ के सहयोग से किया गया।
फिल्म में लखनऊ के सधे हुए कलाकार राजा अवस्थी, अंबरीश बॉबी, आकांक्षा अवस्थी, निशु सिंह, कृष्णा यादव ने काम किया है। उन लोगों ने अपने संवादों से अवधी भाषा का माना बढ़ाया है। प्रारम्भ से अंत तक कफन कहानी में निर्गुण गीत ’ठगनी क्यो नैना छमकावे’ को गाया गया है। इसका संगीत निर्देशन अश्विनी मक्खन ने किया है। जबकि गाने को आवाज सिकंदर यादव ने दी है। सिकंदर भी लखनऊ के ही कलाकार हैं। निर्माता निर्देशक नरेंद्र सिंह ने बताया कि महाराजगंज, नेपाल बॉर्डर पर फिल्माई गई फिल्म अपने समय को छूती है।
छायाकार राकेश सिंह ने जिस तरह से कैमरे का प्रयोग दिन और रात की रोशनी के साथ किया है वह फिल्म की सार्थकता सिद्ध करता है। फिल्म के निर्माता-निर्देशक नरेंद्र सिंह हैं।
इस अवसर पर फेसबुक पेज के एडमिन राजीव सक्सेना, ध्रुव खरे, फेसबुक पर प्रसारित अवधी कार्यक्रम ’परपंचु’ की विनीता मिश्रा, वुलौव्वा की भक्ति शुक्ला, आकाशवाणी रायबरेली से सुमोना पांडेय, संजय पांडेय, मीडिया प्रभारी ज्योति किरण रतन, रवि प्रकाश सिंह, विनोद कुमार श्रीवास्तव, डॉक्टर सर्वेश त्रिपाठी, नीलम सिंह, इंदु सारस्वत, शालिनी श्रीवास्तव, प्रकाश कुल्फी की सर्वेसर्वा अविनाश अरोड़ा, एसआर सारस्वत, अनीता मिश्रा, कुसुम खरे, शशि किरण, सुषमा प्रकाश, आदित्य प्रकाश, फोटोग्राफर योगेश आदित्य, गजेंद्र त्रिपाठी, रेवांत पत्रिका की सम्पादक डॉ अनीता श्रीवास्तव, जयंती मिश्रा, डॉ डीके श्रीवास्तव, ऋचा श्रीवास्तव, प्रदीप कुमार शर्मा आदि सहित लखनऊ के चुने हुए कलाकार और कला प्रेमियों ने फिल्म की स्क्रीनिंग का आनन्द लिया।
हिन्दुस्थान समाचार/शैलेंद्र

