कौटिल्य परिषद की चिंतन बैठक एवं फलाहार कार्यक्रम संपन्न
गोरखपुर, 22 मार्च (हि.स.)। शहर के जर्नलिस्ट प्रेस क्लब सभागार में कौटिल्य परिषद द्वारा आयोजित चिंतन बैठक एवं फलाहार कार्यक्रम सामाजिक सरोकारों और संगठनात्मक एकजुटता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और उसके समग्र उत्थान को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण बिहारी दुबे ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कुमार त्रिपाठी एवं राणा पाठक ने संयुक्त रूप से किया। बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों से आए वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि बदलते सामाजिक परिदृश्य में ब्राह्मण समाज का एक बड़ा वर्ग हाशिए पर पहुंचता जा रहा है, जिसे मुख्यधारा में लाने के लिए संगठित और योजनाबद्ध प्रयासों की आवश्यकता है।
वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सम्मान और सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि दलीय राजनीति से ऊपर उठकर समाजहित में कार्य करना समय की मांग है। सभी ने एक स्वर में एकजुटता का संकल्प लेते हुए समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 3800 किलोमीटर की लंबी यात्रा पूरी करने वाले ज्ञान पाण्डेय का सम्मान रहा। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए उन्हें माला, शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और संकल्प की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इसके अतिरिक्त जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के नव-निर्वाचित अध्यक्ष ओंकार धर दुबे को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रेस क्लब के अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों—रत्नेश्वर शुक्ला, शेष नारायण पाण्डेय, राजेंद्र त्रिपाठी, विश्वजीत त्रिपाठी, शशांक त्रिपाठी, अभिमन्यु पाण्डेय, जितेन्द्र धर दुबे, शिव सम्पत पाण्डेय एवं पी.एन. भट्ट—को भी शाल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर शिवाजी शुक्ल, सत्य प्रकाश पाठक, कृतिनिधि पाण्डेय, रत्नेश पाठक, परमात्मा धर दुबे, संतोष मिश्रा, सोनू शुक्ला, रंग बिहारी पाण्डेय सहित कौटिल्य परिषद के अनेक सदस्य एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान सौहार्द, एकता और सकारात्मक चिंतन का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने ब्राह्मण समाज की एकता, प्रगति और उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। साथ ही सामाजिक समरसता, शिक्षा के प्रसार और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

