शाखा के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण, सशक्त समाज और राष्ट्र परिवर्तन का आधार : डॉ. महेंद्र अग्रवाल
गोरखपुर, 20 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोरक्ष प्रांत के प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि शाखा केवल संगठन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त केंद्र है। सशक्त, संस्कारित और जागरूक व्यक्तियों के माध्यम से ही समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
गोरखपुर स्थित विश्व संवाद केंद्र में शुक्रवार काे पत्रकार वार्ता में उन्होंने हरियाणा में संपन्न अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के प्रमुख निर्णयों और संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। उनके साथ सह प्रांत कार्यवाह वीरेंद्र एवं प्रांत प्रचार प्रमुख सुशील भी उपस्थित रहे। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि बैठक में संगठन विस्तार, समाज की सज्जन शक्ति की सक्रिय भागीदारी तथा सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। संत रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर जारी संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने की प्रवृत्तियों के बीच संतों के समरसता संदेश को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों के योगदान को जाति-पंथ से ऊपर उठकर स्वीकार करना चाहिए। “राष्ट्र प्रथम” की भावना और “पंच परिवर्तन” के संकल्प के साथ स्वयंसेवकों ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान वर्ष पर देशभर में 2000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए। गोरक्ष प्रांत में संगठनात्मक कार्य तेजी से बढ़ा है। अक्टूबर 2025 में जहां 1415 स्थानों पर 2269 शाखाएं लग रही थीं, वहीं मार्च 2026 तक यह संख्या बढ़कर 1859 स्थानों पर 2517 शाखाएं हो गई हैं। शताब्दी वर्ष के अंतर्गत 27 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक 3167 स्थानों पर 3564 शाखाएं लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें लगभग 4000 प्रवासी कार्यकर्ता सहभागी होंगे।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि संघ का कार्य निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और शताब्दी वर्ष इसी यात्रा का विस्तार है। उन्होंने समाज की सज्जन, सुप्त और उत्सुक शक्ति को जागृत करते हुए “राष्ट्र प्रथम” और “पंच परिवर्तन” के भाव को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

