सिख गुरुओं की शिक्षाएं साहस, करुणा और धार्मिक स्वतंत्रता का देती है संदेश
कानपुर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। सिख गुरुओं की शिक्षाएं आज भी साहस, करुणा, धार्मिक स्वतंत्रता, सहिष्णुता और मानवता के प्रति सम्मान का संदेश देती हैं। शैक्षणिक संस्थानों का दायित्व केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करना भी है। यह संदेश छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने ‘सिख गुरु इतिहास एवं शहादत’ डिप्लोमा पाठ्यक्रम के शुभारंभ पर दिया।
विश्वविद्यालय में गुरु तेग बहादुर रिसर्च चेयर के अंतर्गत शुरू किए गए इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को सिख गुरुओं के जीवन, दर्शन, शिक्षाओं और बलिदान की परंपरा का अध्ययन कराया जाएगा। इसका उद्देश्य सिख इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को अकादमिक स्तर पर बढ़ावा देने के साथ नई पीढ़ी को गुरुओं के विचारों से परिचित कराना है। पाठ्यक्रम की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ अमननीत कौर की गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुति से हुआ। स्त्री सत्संग कीर्तनी जत्था, कानपुर और कीर्तन निर्मोलक हीरा जत्था, उन्नाव ने भी गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों के दौरान आयोजन स्थल पर आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
पाठ्यक्रम में विशेष रूप से गुरु तेग बहादुर के जीवन, शिक्षाओं और बलिदान पर अध्ययन कराया जाएगा। ‘हिंद दी चादर’ के नाम से सम्मानित गुरु तेग बहादुर का जीवन धार्मिक स्वतंत्रता, मानवीय गरिमा और सिद्धांतों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणा देता है। उनकी शिक्षाओं की प्रासंगिकता को वर्तमान समय के संदर्भ में भी समझाया जाएगा।
डिप्लोमा पाठ्यक्रम के शिक्षक के रूप में प्रो. अमन सिंह ने कार्यभार ग्रहण किया है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज के निदेशक डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी भी इस शैक्षणिक पहल से जुड़े हैं। गुरु तेग बहादुर रिसर्च चेयर के निदेशक जेएस अरोड़ा और जसवीन कौर चेयर की शैक्षणिक गतिविधियों के विकास में योगदान दे रहे हैं।
पाठ्यक्रम का उद्देश्य भारत सहित विश्वभर के सिख युवाओं को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। इसके माध्यम से सिख गुरुओं के दर्शन, इतिहास और शहादत की परंपरा को व्यवस्थित रूप से समझने का अवसर मिलेगा। साथ ही अंतरधार्मिक सद्भाव, सामाजिक समरसता और सार्वभौमिक भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

