श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण
कानपुर देहात, 23 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम 2026-27 के तहत गुरुवार को सरवनखेड़ा विकास खंड के समिति कक्ष में स्कूल शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को श्रीअन्न (मोटे अनाज) के पोषण महत्व से अवगत कराकर विद्यालय स्तर पर इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने कहा कि मोटे अनाज पोषण से भरपूर होने के साथ-साथ बदलती जीवनशैली में संतुलित आहार का बेहतर विकल्प हैं। उन्होंने सांवा, कोदो, रागी, बाजरा समेत अन्य श्रीअन्न की विशेषताओं, पोषक तत्वों और स्वास्थ्य पर उनके सकारात्मक प्रभाव की जानकारी देते हुए शिक्षकों से विद्यार्थियों और अभिभावकों तक इसका संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।
राजकीय कृषि बीज भंडार, सरवनखेड़ा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा की वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. दीपिका सिंह सेंगर ने कहा कि श्रीअन्न केवल पौष्टिक भोजन ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने लोगों से नियमित भोजन में मोटे अनाजों को शामिल करने की अपील की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विभाग के डॉ. प्रद्युम्न कुमार यादव, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) रोहित वर्मा, विकास कमल, विजय कटियार और अजीत ने भी तकनीकी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में धर्मेंद्र कुमार, अवधेश कुमार, ज्योति, प्रतिभा यादव, करिश्मा सचान सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। समापन पर सभी प्रतिभागियों ने विद्यालयों के माध्यम से श्रीअन्न के उपयोग और प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

