समरस व स्वाभिमानी समाज चाहते थे स्वामी विवेकानन्द: अभय

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समरस व स्वाभिमानी समाज चाहते थे स्वामी विवेकानन्द: अभय


लखनऊ,12 जनवरी (हि स) । स्वामी विवेकानन्द जयंती के अवसर पर सोमवार को विश्व संवाद केन्द्र जियामऊ के अधीश सभागार में 'युवराष्ट्र' की ओर से 'स्वामी विवेकानन्द के सपनों का भारत' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र धर्म जागरण प्रमुख अभय जी,राज्य सूचना आयुक्त पीएन द्विवेदी, बीबीडी ग्रुप के प्रेसिडेंट विराज सागर दास और किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के जनरल सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. ए.के.सोनकर ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र धर्म जागरण प्रमुख अभय ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द समरस व स्वाभिमानी समाज चाहते थे। वह योद्धा संन्यासी थे। उन्होंने हिन्दू धर्म व हिन्दुत्व से पूरी दुनिया को परिचित कराया। स्वामी विवेकानंद का युवाओं पर अटूट विश्वास था । वह कहते थे कि “मुझे सौ ऊर्जावान युवा दे दो, मैं भारत को बदल दूँगा। आज भारत विश्व का सबसे युवा देश है। स्वामी विवेकानंद जी का संदेश है – “एक विचार को पकड़ो। उस विचार को अपना जीवन बनाओ, उसके बारे में सोचो, उसके सपने देखो, उस विचार पर जियो।”

मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त पीएन दिवेदी ने कहा कि 1893 में शिकागो में विश्व धर्म संसद में दिया गया उनका भाषण केवल धार्मिक संवाद नहीं था। वह भारत की सभ्यतागत आत्मा का वैश्विक उद्घोष था। गर्व से उन्होंने कहा कि वे उस सनातन परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने विश्व को सहिष्णुता और समन्वय सिखाया। यह अवसर केवल स्वामी विवेकानन्द का स्मरण करने का नहीं है, बल्कि उस वैचारिक ऊर्जा को समझने और अपने जीवन में उतारने का भी है जिसने भारत को आत्मगौरव, आत्मबल और राष्ट्रीय चेतना का बोध कराया।

किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के जनरल सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. ए.के.सोनकर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द हिन्दी,अंग्रेजी,बांग्ला और संस्कृत के विद्वान थे। उन्होंने कहा था कि उठो जागो और लक्ष्य की प्राप्ति किये बिना रूको मत।

अशोक कुमार सिन्हा ने संगोष्ठी की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि वे केवल सन्त ही नहीं, एक महान देशभक्त, वक्ता, विचारक, लेखक और कवि भी थे। उन्होंने देश के युवाओं को जगाने का काम किया।

सह भाग कार्यवाह सिद्धार्थ ने कहा कि युवराष्ट्र संस्था युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने के लिए काम करती है।

कार्यक्रम के संयोजक अभिषेक यादव ने आभार जताया। संचालन विख्यात मिश्रा ने किया।

कार्यक्रम के सह संयोजक अर्जुन सिंह ने मंचस्थ अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर , धनंजय सिंह राणा,असीम सिंह,ईशा यादव,सर्वजीत सिंह, प्रदीप सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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