प्रदेश के राजस्व संग्रह में रिकॉर्ड बढ़त, यूपी बना 35 हजार करोड़ से अधिक सरप्लस वाला राज्य : सुरेश कुमार खन्ना
लखनऊ, 06 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती की नई ऊंचाइयों को छू रही है, जिसका स्पष्ट असर प्रदेश के राजस्व आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। मार्च 2026 में राजस्व संग्रह में 1020 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 में 10,228 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड इजाफा हुआ है।
सोमवार को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर ताजा आंकड़े जारी करते हुए बताया कि कर एवं करेत्तर राजस्व में लगातार वृद्धि हो रही है, जो न केवल आर्थिक मजबूती का संकेत है बल्कि विकास कार्यों को गति देने के लिए भी सरकार को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध करा रही है। ताजा आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि राज्य अब 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के रेवेन्यू सरप्लस के साथ देश के अग्रणी वित्तीय रूप से सुदृढ़ राज्यों में शामिल हो चुका है।
मजबूत हुई यूपी की वित्तीय सेहत
वित्त मंत्री ने बताया कि मार्च 2025 के मुकाबले मार्च 2026 में प्रदेश के मुख्य कर एवं करेत्तर राजस्व में 1020.53 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के मार्च माह में कुल 26,193.56 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि पिछले वर्ष मार्च 2025 में यह 25,173.03 करोड़ था। वहीं दूसरी तरफ, पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 की बात करें तो मार्च तक प्रदेश को कुल 2,23,060.18 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 2,12,832.08 करोड़ के मुकाबले 10,228.10 करोड़ रुपये अधिक है।
मार्च में जीएसटी, स्टाम्प और परिवहन से बढ़ी आय
माह मार्च 2026 के राजस्व मदों पर नजर डालें तो जीएसटी से 7,347.31 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जो पिछले वर्ष 6,785.34 करोड़ थी। वैट के तहत 4,438.82 करोड़ की आय हुई, जबकि पिछले वर्ष यह 4,472.70 करोड़ रुपये थी। आबकारी से 9,269.44 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष के 9,744.50 करोड़ से कुछ कम है। स्टाम्प एवं निबंधन के क्षेत्र में वृद्धि दर्ज करते हुए 2,728.74 करोड़ रुपये की आय हुई। परिवहन क्षेत्र में उल्लेखनीय उछाल के साथ 1,624.84 करोड़ रुपये की आय हुई। वहीं भू-तत्व एवं खनिकर्म से 784.41 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई।
पूरे वित्तीय वर्ष में सभी प्रमुख मदों में मजबूत प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न मदों में प्राप्ति की बात करें तो जीएसटी से 82,547.40 करोड़ वैट से 33,006.35 करोड़, आबकारी से 57,722.29 करोड़ रुपये , स्टाम्प एवं निबंधन से 32,598.49 करोड़ रुपये , परिवहन से 12,764.61 करोड़ रुपये तथा भू-तत्व एवं खनिकर्म से 4,421.04 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई, जो प्रदेश की मजबूत वित्तीय प्रगति को दर्शाती है।
35,000 करोड़ से अधिक रेवेन्यू सरप्लस
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश “रेवेन्यू सरप्लस स्टेट” की स्थिति में है और राज्य के पास 35,000 करोड़ रुपये से अधिक का अधिशेष उपलब्ध है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मूल बजट का लगभग 81% व्यय किया जा चुका है, जो बेहतर वित्तीय प्रबंधन का संकेत है।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

