लेबर कॉलोनियों के मालिकाना हक काे ओडिशा मॉडल का अध्ययन, सुरेंद्र मैथानी ने किया दौरा
कानपुर, 15 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की श्रमिक एवं लेबर कॉलोनियों में रह रहे लोगों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ओडिशा मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधिमंडल ओडिशा पहुंचा, जहां अधिकारियों के साथ बैठक कर दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। यह बातें शुक्रवार को गोविंद नगर विधानसभा के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने कही।
विधायक सुरेंद्र मैथानी उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ ओडिशा के सरकारी दौरे पर पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा सरकार के लेबर कमिश्नर एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर श्रमिक कॉलोनियों को मालिकाना हक दिए जाने की प्रक्रिया की जानकारी ली। बैठक में ओडिशा सरकार द्वारा लागू मॉडल, शर्तों और प्रक्रिया पर चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने श्रमिक कॉलोनियों का स्थलीय दौरा भी किया। इस दौरान कॉलोनियों में रह रहे लोगों से बातचीत कर वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया। साथ ही सम्बंधित दस्तावेज, रिपोर्ट और अन्य अभिलेखों का संकलन किया गया।
विधायक सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि दिल्ली, महाराष्ट्र और ओडिशा सरकार पहले ही श्रमिक कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक दे चुकी हैं। इसी व्यवस्था के अध्ययन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने समिति गठित की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की परिस्थितियों के अनुसार रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी जाएगी, ताकि प्रदेश की श्रमिक कॉलोनियों में रह रहे लोगों को मालिकाना हक देने की दिशा में निर्णय लिया जा सके।
ओडिशा दौरे से लौटने के बाद समिति की लखनऊ में बैठक होगी, जिसमें बिंदुवार रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। कार्यक्रम में विधायक डॉ. मंजू सिवाच, उत्तर प्रदेश श्रम विभाग के अधिकारी एवं ओडिशा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

