सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, निरंतर अभ्यास ही असली कुंजी : प्रो. आर.के. सिंह

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सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, निरंतर अभ्यास ही असली कुंजी : प्रो. आर.के. सिंह


सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, निरंतर अभ्यास ही असली कुंजी : प्रो. आर.के. सिंह


जौनपुर, 27 सितंबर (हि.स.)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय स्थित इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में रविवार को आर्यभट्ट सभागार में नवागंतुक विद्यार्थियों के स्वागत में फ्रेशर्स पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के माध्यम से सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

कुलपति ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान उसके भवनों, प्रयोगशालाओं अथवा शिक्षकों की संख्या से नहीं, बल्कि वहां अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों, आचरण, ज्ञान और सामाजिक योगदान से होती है। विद्यार्थियों की प्रतिभा और कृतित्व ही संस्थान की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई देते हैं।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश लेना जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इसे अंतिम लक्ष्य नहीं समझना चाहिए। यह एक नई यात्रा की शुरुआत है। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व का लगातार विकास करना चाहिए। इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी विषय में सफलता के लिए सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रयोगशाला में अभ्यास, तकनीकी दक्षता और समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित करना जरूरी है।

प्रो. सिंह ने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए ‘पीपीपी मॉडल’ यानी ‘प्रैक्टिस, प्रैक्टिस और केवल प्रैक्टिस’ का सूत्र दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास से कार्य में दक्षता आती है और आत्मविश्वास बढ़ता है। गलतियों से सीखकर उन्हें सुधारना तथा कठिन लक्ष्यों के लिए लगातार प्रयास करना सफलता की कुंजी है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें दूर करने, असफलता को सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा मानने और समय का सदुपयोग करने का आह्वान किया। साथ ही बदलती तकनीक और उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने की सलाह दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. रजनीश भास्कर ने की। उन्होंने अपने जीवन-संघर्ष से जुड़ा प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों का सामना करने वाला व्यक्ति ही अपने लक्ष्य के प्रति अधिक दृढ़ बनता है।

इस अवसर पर डॉ. लक्ष्मी मौर्य, शिवांग, डॉ. सत्यम उपाध्याय, डॉ. सौरभ कुमार, डॉ. जया शुक्ला, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. श्वेता सिंह, शरद चंद्र और धर्मेंद्र यादव सहित विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

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