एलएलबी के बीपीआरडी परिणाम को लेकर छात्रों काे भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं, पुनर्मूल्यांकन का भी है प्रावधान : राकेश कुमार

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एलएलबी के बीपीआरडी परिणाम को लेकर छात्रों काे भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं, पुनर्मूल्यांकन का भी है प्रावधान : राकेश कुमार


कानपुर, 13 जुलाई (हि.स.)। एलएलबी त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम में बीपीआरडी (बैक पेपर रिजल्ट डिटेंड) दर्शाए जाने को लेकर विद्यार्थियों को भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। विश्वविद्यालय के अध्यादेश के अनुसार परीक्षा परिणाम जारी किए गए हैं और जो विद्यार्थी मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह बातें सोमवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार ने कहीं।

परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि विधि छात्र मोर्चा की ओर से दिए गए ज्ञापन के बाद छात्रों द्वारा उठाए गए प्रश्नों के संबंध में विश्वविद्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि एलएलबी त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम के अध्यादेश के अनुसार किसी भी विद्यार्थी को पांचवें सेमेस्टर में प्रवेश के लिए प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसी कारण जिन विद्यार्थियों के परिणाम में बीपीआरडी प्रदर्शित हो रहा है, वह विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप है।

उन्होंने बताया कि अध्यादेश के अनुसार प्रत्येक प्रश्नपत्र पूर्णांक 100 का होता है। किसी प्रश्नपत्र में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 36 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है। इसके साथ ही संबंधित सेमेस्टर के सभी प्रश्नपत्रों में कुल मिलाकर 48 प्रतिशत एग्रीगेट अंक हासिल करना भी अनिवार्य है। किसी सेमेस्टर को उत्तीर्ण घोषित किए जाने के लिए दोनों शर्तों का पूरा होना जरूरी है।

परीक्षा नियंत्रक ने विद्यार्थियों को शासन और विश्वविद्यालय की चैलेंज इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) व्यवस्था की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र को अपने प्राप्तांक या मूल्यांकन पर आपत्ति है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर उत्तर पुस्तिका का पुनर्मूल्यांकन करा सकता है। इससे विद्यार्थियों की शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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