इस्कॉन के साथ छात्रों ने किया हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन, इंडियन नॉलेज सिस्टम पर हुआ सेमीनार
मथुरा, 21 अप्रैल(हि.स.)। केएम विश्वविद्यालय में मंगलवार को ’भारतीय ज्ञान प्रणाली’ (इंडियन नॉलेज सिस्टम) विषय पर एक भव्य सेमीनार का आयोजन किया गया। वृंदावन स्थित इस्कॉन संस्थान के सहयोग से इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्रों को जीवन के वास्तविक उद्देश्य और आध्यात्मिकता के वैज्ञानिक महत्व से अवगत कराया एवं युवाओं को प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट महामंत्र का जाप करने का सुझाव दिया ताकि वे मानसिक शांति और एकाग्रता प्राप्त कर सकें।
सेमीनार के मुख्य अतिथि केएम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति किशन चौधरी ने बताया यह कार्यक्रम छात्र-छात्रों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा। उन्हें न केवल शैक्षणिक दबाव को संभालने के सूत्र मिले, बल्कि जीवन के प्रति एक सकारात्मक और अनुशासित दृष्टिकोण अपनाने की नई दिशा भी प्राप्त हुई है।
सेमीनार में पूर्व सलाहकार स्त्री रोग ऑन्कोसर्जन डॉ. रीना अधिकारी ने मंत्र ध्यान की महत्ता और उसके जीवन पर सकारात्मक प्रभावों को अत्यंत सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा केवल धार्मिक ग्रंथों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने का एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है। उन्होंने ’पुनर्जन्म’ और ’कर्म’ के सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिस प्रकार मछली केवल जल में सुखी रहती है, उसी प्रकार जीवात्मा को परमात्मा के नाम जप से ही वास्तविक शांति मिल सकती है। उन्होंने छात्रों को तनाव मुक्त जीवन के लिए दैनिक मेडिटेशन की सलाह देते हुए कहा नियमित मंत्र ध्यान से आपका मन शांत होता है, नकारात्मक विचारों में कमी आयेगी और भावनात्मक दृढ़ता बढ़ती जायेगी।
इस्कॉन वृंदावन के परमात्मा प्रभु ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य का निर्धारण अनिवार्य है। महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि ईश्वर के संपर्क में रहने से हृदय शुद्ध होता है और बुरी आदतें स्वतः ही छूट जाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान इस्कॉन मंदिर वृंदावन से आए भगवान प्रभु, डा. राधाचरण दास, अमन प्रभु ने भजन एवं मंत्रोच्चारण के माध्यम से छात्र-छात्राओं को एक आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया। उनके आह्वान पर जब पूरा सभागार ’हरे कृष्ण, हरे कृष्ण’ के महामंत्र से गूंजा, तो उपस्थित छात्र-छात्राएं भक्ति रस में सराबोर नजर आए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. वैशाली ने किया। सेमीनार के अंत में इस्कॉन की ओर से लाई गई प्रसादी सभी विद्यार्थियों में वितरित की गई। इस अवसर पर डॉ. पी.एन. भिसे (प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज), फॉरेन्सिक मेडीसन (एफएमटी विभाग) के डा. एसटी वली, पीयूष झा, सहित विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

