पोषाहार वितरण में लापरवाही पर सख्ती, सात सीडीपीओ व सुपरवाइजरों को नोटिस,वेतन रोकने की चेतावनी

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पोषाहार वितरण में लापरवाही पर सख्ती, सात सीडीपीओ व सुपरवाइजरों को नोटिस,वेतन रोकने की चेतावनी


पोषाहार वितरण में लापरवाही पर सख्ती, सात सीडीपीओ व सुपरवाइजरों को नोटिस,वेतन रोकने की चेतावनी


जौनपुर,15 अप्रैल (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में पोषाहार वितरण व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण (एफआरसी) के जरिए लाभार्थियों को पोषाहार वितरण में ढिलाई मिलने पर सात बाल विकास परियोजना अधिकारियाें और कई सुपरवाइजरों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खड़िया ने समीक्षा बैठक के दौरान लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इस कार्रवाई की जद में धर्मापुर, मछलीशहर, मड़ियाहूं, करंजाकला, मुंगराबादशाहपुर और रामपुर ब्लॉक के सीडीपीओ शामिल हैं। संबंधित सुपरवाइजरों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।इस मामले में जानकारी लेने पर बुधवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि एफआरसी के माध्यम से पोषाहार वितरण में जौनपुर ने प्रदेश स्तर पर नौवां स्थान प्राप्त किया है, जो पहले की तुलना में बेहतर प्रगति दर्शाता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सुधार न होने पर वेतन/मानदेय रोकने सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 2,27,335 लाभार्थियों के सापेक्ष अब तक केवल 1,95,885 को ही एफआरसी के माध्यम से पोषाहार वितरित किया जा सका है। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के उद्देश्य से वितरण प्रणाली में बदलाव किया गया है।नई व्यवस्था के तहत अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चेहरा प्रमाणीकरण के जरिए ही बच्चों को पुष्टाहार वितरित करेंगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। बाल विकास पुष्टाहार विभाग द्वारा चने की दाल, गेहूं का दलिया, चावल और खाद्य तेल उपलब्ध कराया जा रहा है। बावजूद इसके, कुछ ब्लॉकों में अभी भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिन पर प्रशासन सतर्क नजर बनाए हुए है।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

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