राम मंदिर की आस्था पर राजनीति बंद होनी चाहिए, श्रीराम विरोधियों को सद्बुद्धि मिले : प्रकाश शर्मा
कानपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। राम मंदिर की आस्था को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। जो लोग भगवान राम और राम मंदिर पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं, उन्हें सद्बुद्धि मिले और वे आस्था का सम्मान करें। यह बातें बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा ने मंगलवार को कानपुर में आयोजित सद्बुद्धि यज्ञ के दौरान कहीं।
अयोध्या के राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित चोरी के मामले को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच कानपुर में हिंदूवादी संगठनों ने सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया। कार्यकर्ताओं ने हवन-पूजन कर भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि आस्था के मुद्दों पर राजनीति करने वालों को सद्बुद्धि मिले और समाज में अनावश्यक भ्रम फैलाने का प्रयास बंद हो।
संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कथित चोरी की घटना को आधार बनाकर राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों और करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना था कि किसी भी घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन उसे राजनीतिक रंग देकर लोगों की आस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने हवन में आहुति देकर श्रीराम विरोधियों को सद्बुद्धि मिलने और देश में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की कामना की। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक नारों के साथ आस्था के सम्मान की अपील भी की गई।
बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा ने कहा कि जिन लोगों ने पहले भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाए और राम मंदिर के प्रसाद तक पर विवादित टिप्पणियां की थीं, वही अब इस मामले को लेकर निराधार आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अपनी आस्था पर किसी भी प्रकार का प्रहार स्वीकार नहीं करेगा और लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

