कैंटीनयुक्त अत्याधुनिक सुविधाजनक भवन में ठहरेंगे मरीजों के तीमारदार
लिफ्ट, सीसीटीवी कैमरों और अन्य सुविधाओं से भी लैस होगा अत्याधुनिक भवन
गोरखपुर, 12 अगस्त (हि.स.)। मरीजों के लिए चिकित्सा सेवा की सुदृढ़ता के बीच योगी सरकार ने उनके तीमारदारों (अटेंडेंट या केयरटेकर) के लिए भी अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की है। तीमारदारों के लिए अभी रैन बसेरों की सुविधा तो है ही, आने वाले समय में उन्हें अटैच्ड टॉयलेट-बाथरूम वाले कैंटीनयुक्त आवास में ठहरने की व्यवस्था हो जाएगी। इसके लिए बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में 508 बेड की क्षमता का रोगी सहायक आवास बनाया जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बहुमंजिला भवन पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और नेपाल से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए बेहद मददगार साबित होगा।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रोगी सहायक आवास भवन, स्टिल्ट एरिया प्लस पांच मंजिला भवन के रूप में होगा। 5600 वर्गमीटर क्षेत्रफल में इस बिल्डिंग का निर्माण आरएमआरसी-आईसीएमआर के पीछे कराया जाएगा। इसके निर्माण पर 43.69 करोड़ रुपये की लागत आएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम शहरी की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) यूनिट 19 को पहली किश्त के रूप में 5 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए हैं।
प्रस्तावित रोगी सहायक आवास भवन के स्टिल्ट क्षेत्र में पार्किंग, डायनिंग हाल, किचन, पैंट्री, स्टोर का निर्माण कराया जाएगा जबकि प्रथम से लेकर पंचम तल तक रूम और डॉरमेट्री के रूप में आवासीय सुविधा होगी। पहले और दूसरे तल पर 56-56 बेड तथा तीसरे, चौथे और पांचवें तक पर 132-132 बेड की क्षमता के आवासीय क्षेत्र होंगे। रोगी सहायक आवास के सभी रूम में अटैच्ड टॉयलेट-बाथरूम की सुविधा होगी। इस भवन में सीढियों के साथ 20 लोगों की क्षमता के लिफ्ट और सुरक्षा निगरानी के लिए सीसीटीवी सिस्टम भी लगाए जाएंगे।
कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस 19 के रेजिडेंट इंजीनियर संदीप कुमार चौरसिया बताते हैं कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर में रोगी सहायक आवास भवन बनाने के लिए निविदा की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। अनुबंध गठन की कार्यवाही प्रगति पर है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज न केवल गोरखपुर, बल्कि पूरे पूर्वांचल, नेपाल और बिहार के सीमावर्ती जिलों के लिए स्वास्थ्य सेवा का पुराना, बड़ा और महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, जिनके साथ प्रायः एक से दो परिजन/तीमारदार रहते हैं। अटैच्ड टॉयलेट और अन्य जरूरी सुविधाओं वाले 508 बेड के रोगी सहायक भवन बन जाने से अब तीमारदार न केवल सुरक्षित महसूस करेंगे, बल्कि सुविधाजनक एवं सम्मानजनक वातावरण में रहकर अपने मरीजों की देखभाल कर सकेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

