विकसित भारत 2047 में स्टार्टअप्स की रहेगी बड़ी भूमिका: नौसेना प्रमुख

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विकसित भारत 2047 में स्टार्टअप्स की रहेगी बड़ी भूमिका: नौसेना प्रमुख


कानपुर, 03 फरवरी (हि.स.)। आईआईटी कानपुर जैसे संस्थानों में विकसित प्रौद्योगिकियां हमारे देश के सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य को आकार देने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मैं इन स्टार्टअप्स से आग्रह करता हूँ कि वे नवाचार की सीमाओं को निरंतर आगे बढ़ाएं और ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न में सार्थक योगदान दें, जहां भारत वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में खड़ा हो। यह बातें मंगलवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कही।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर को आज नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, पीवीएसएम, एवीएसएम, एनएम की मेजबानी करने का गौरव प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान के डीप-टेक नवाचार, अनुसंधान तथा रक्षा-संबंधी प्रौद्योगिकी विकास के सशक्त और गतिशील पारिस्थितिकी तंत्र से संवाद किया।

नौसेना प्रमुख का स्वागत करते हुए आईआईटी कानपुर के उप निदेशक प्रो. ब्रज भूषण ने कहा कि “आईआईटी कानपुर के लिए एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी की मेजबानी करना तथा डीप-टेक नवाचार और रक्षा-उन्मुख अनुसंधान में संस्थान के बढ़ते योगदान को प्रदर्शित करना गर्व का विषय है। उनका यह दौरा स्वदेशी एवं मिशन-महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए शिक्षा जगत, स्टार्टअप्स और सशस्त्र बलों के बीच सशक्त सहयोग के महत्व को पुनः स्थापित करता है। भारत की रणनीतिक और तकनीकी आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने वाले अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए हम निरंतर प्रतिबद्ध हैं।

इसके बाद एडमिरल त्रिपाठी ने स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) का दौरा किया, जहां उनके साथ एसआईआईसी के मुख्य निवेश अधिकारी अनुराग सिंह, मुख्य परिचालन अधिकारी एवं मुख्य वित्त अधिकारी पीयूष मिश्रा तथा एसआईआईसी की नेतृत्व टीम उपस्थित रही। इस अवसर पर प्रो. दीपु फिलिप ने आईआईटी कानपुर की इन्क्यूबेशन, नवाचार और स्टार्टअप त्वरक (एक्सेलरेशन) रूपरेखा का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

इस अवसर पर प्रो. दीपु फिलिप ने कहा कि एसआईआईसी में हमारा उद्देश्य साहसिक विचारों को ऐसी उपयोग में लाई जा सकने वाली प्रौद्योगिकियों में परिवर्तित करना है, जो भारत की रणनीतिक तैयारी को सुदृढ़ करें। एडमिरल त्रिपाठी का हमारे नवप्रवर्तकों के साथ संवाद उन स्टार्टअप्स के लिए अमूल्य प्रोत्साहन है, जो देश के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए प्रत्यक्ष रूप से उपयोगी समाधान विकसित कर रहे हैं।

एडमिरल त्रिपाठी ने सभी सहभागी स्टार्टअप्स के साथ से संवाद किया और उनकी अत्याधुनिक नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आईआईटी कानपुर के इन्क्यूबेशन पारिस्थितिकी तंत्र से उभर रहे तकनीकी विकास की गुणवत्ता और गहराई की सराहना की।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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