खेलों से बच्चों में विकसित होती है नेतृत्व क्षमता और अनुशासन : जिलाधिकारी

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खेलों से बच्चों में विकसित होती है नेतृत्व क्षमता और अनुशासन : जिलाधिकारी


कानपुर, 04 नवंबर (हि.स.)। खेल बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों में भी आगे बढ़ना चाहिए। यह बातें बुधवार को जनपद स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहीं।

कानपुर में आयोजित दो दिवसीय जनपद स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में 750 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया। इसमें 10 ग्रामीण और चार नगरीय क्षेत्रों के परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी ने प्रतियोगिता का शुभारंभ कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें खेल के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। उन्हें उचित अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की प्रतिभा पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित करने की अपील की।

नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कहा कि खेलों में भागीदारी से बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, सहयोग और अनुशासन की भावना विकसित होती है। विद्यालयों में खेल गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के लिए दौड़, कबड्डी, खो-खो, गोला फेंक और चक्का फेंक सहित कई खेल स्पर्धाएं आयोजित की गईं। इनमें सभी विकासखंडों के खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। प्रतियोगिताओं में बिल्हौर विकासखंड के खिलाड़ियों का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी रवि कुमार सिंह ने खिलाड़ियों, शिक्षकों और अपनी टीम को बधाई दी।

कार्यक्रम में पीएम श्री विद्यालय खेरसा और उच्च प्राथमिक विद्यालय नर्वल के बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह के निर्देशन में आयोजित प्रतियोगिता में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयकों, शिक्षकों, खेल अनुदेशकों और आयोजन समिति के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन की व्यवस्थाओं और संचालन में सह-संयोजक विकास तिवारी, राजेश यादव और सुरेश गौड़ का विशेष योगदान रहा। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

Livevns.news Desk
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