छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में कानपुर में सपा-कांग्रेस के नेता नहीं कर सके प्रदर्शन—सत्याग्रह
कानपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को कानपुर में विपक्ष के प्रस्तावित विरोध कार्यक्रमों को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेयी को फूलबाग में सत्याग्रह के लिए जाने से पहले ही रोक लिया गया, जबकि कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता लगातार दूसरे दिन भी नजरबंद रहे।
सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर एक दिवसीय सत्याग्रह की घोषणा की थी। इसे देखते हुए सुबह काकादेव स्थित उनके आवास के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। जब वह समर्थकों के साथ घर से बाहर निकले तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
इसके बाद अमिताभ बाजपेई बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने कुछ ही दूरी पर उन्हें रोक लिया। पुलिस उन्हें अपने साथ चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ले गई, जहां उन्होंने चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पुलिस उन्हें वापस उनके आवास छोड़ आई।
विधायक के प्रस्तावित सत्याग्रह को देखते हुए फूलबाग और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। कई थानों की पुलिस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और वरिष्ठ अधिकारी पूरे समय मौके पर तैनात रहे। उधर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता लगातार 48 घंटे से नजरबंद रहे। उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात रहा और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। पवन गुप्ता ने आरोप लगाया कि प्रशासन शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने के संवैधानिक अधिकार को बाधित कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति अपराध नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
प्रशासन को अपनी शक्ति कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण में लगानी चाहिए, न कि लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने में। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

