सैनिक भी सेवा के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं : डॉ. एस.के. द्विवेदी
कानपुर, 16 मार्च (हि.स.)। सैनिक अपनी सेवा जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भी ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने कैरियर को और बेहतर बना सकते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित यूजीसी-डीईबी मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्रदान करते हैं। यह बातें सोमवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के द्रोणाचार्य सेंटर फॉर ऑनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन (डी-कोड) के निदेशक डॉ. एस.के. द्विवेदी ने कहीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के डी-कोड केंद्र द्वारा सिख लाइट रेजिमेंट, फतेहगढ़ (उत्तर प्रदेश) में अभिमुखीकरण एवं प्रचार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सेना के जवानों और कैडेट्स को विश्वविद्यालय द्वारा संचालित ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा पाठ्यक्रमों की जानकारी देना तथा उन्हें सेवा के साथ-साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में करीब 2000 से अधिक कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर ब्रिगेडियर कमांडेंट मनीष कुमार जैन सहित अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस सत्र में प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षिक अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स को विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों जैसे बीए, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, एमए, एमकॉम, एमबीए और एमसीए के बारे में बताया गया। साथ ही ड्यूल डिग्री की सुविधा, लचीली शिक्षण प्रणाली और यूजीसी-डीईबी की मान्यता के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. एस.के. द्विवेदी और डॉ. विमल सिंह ने किया। इस दौरान कैडेट्स और सैन्य अधिकारियों ने कार्यक्रम को सकारात्मक बताते हुए विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना की।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

