माता-पिता को खो चुकी स्नेहा ने लगाई मदद की गुहार, डीएम ने दिलाया भरोसा
देवरिया, 03 अक्टूबर (हि.स.)। सलेमपुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को अहिरौली लाला गांव निवासी स्नेहा सिंघानिया अपने छोटे भाई आदित्य सिंघानिया के साथ जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के सामने पहुंचीं। माता-पिता की मृत्यु के बाद अनाथ हुए भाई-बहन ने पढ़ाई और जीवन-यापन के लिए मदद की गुहार लगाई। उनकी स्थिति सुनकर जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
स्नेहा ने बताया कि उनके पिता विपिन बिहारी की अगस्त 2011 में मृत्यु हो चुकी है। जुलाई 2026 में दुर्घटना में मां बबिता देवी की भी मौत हो गई। माता-पिता के निधन के बाद दोनों भाई-बहन के सामने गुजर-बसर और पढ़ाई जारी रखने का संकट खड़ा हो गया है। स्नेहा गोरखपुर से बीसीए की पढ़ाई कर रही हैं और आगे भी अपनी शिक्षा जारी रखना चाहती हैं।
डीएम ने स्नेहा को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए अंत्योदय राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और गोरखपुर में पढ़ाई के दौरान हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की। उन्होंने प्रोबेशन विभाग की मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना समेत अन्य कल्याणकारी योजनाओं से दोनों बच्चों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
स्नेहा ने बताया कि मां की दुर्घटना में मृत्यु के बाद कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत अनुमन्य पांच लाख रुपये की सहायता राशि भी अभी नहीं मिली है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को धनराशि प्राथमिकता के आधार पर दिलाने के निर्देश दिए। उनके निर्देश के बाद राशन कार्ड, अंत्योदय कार्ड बनाने और अन्य योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
डीएम की पहल से स्नेहा और उनके शुभचिंतक भावुक हो गए। उपस्थित लोगों ने जिलाधिकारी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि जरूरतमंद बच्चों की मदद कर उन्होंने मानवता की मिसाल पेश की है।
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

