तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक

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तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक


लखनऊ, 19 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने शक्ति भवन, लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में विद्युत व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उपभोक्ता हितैषी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। ऊर्जा मंत्री ने विशेष रूप से स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में गठित तकनीकी समिति जब तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर देती और उसकी जांच नहीं हो जाती, तब तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी।

मंत्री शर्मा ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए कहा कि जहां स्मार्ट मीटर अभी तत्काल में लगे हैं, वहां लगभग 15 दिन की कन्वर्जन अवधि तथा उसके बाद 30 दिन यानी कुल लगभग 45 दिन तक किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है कि जीरो बैलेंस होने की स्थिति में भी अधिकतम 03 दिन या 200 तक रुपये (2 किलोवाट भार तक) विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं होगी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 5-स्तरीय एसएमएस अलर्ट प्रणाली लागू की जाएगी, जिसके तहत बैलेंस 30 प्रतिशत होने पर पहला, 10 प्रतिशत पर दूसरा, बैलेंस समाप्त होने पर तीसरा, डिस्कनेक्शन से एक दिन पूर्व चौथा तथा डिस्कनेक्शन के बाद पांचवां संदेश भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त मंत्री ने निर्देश दिए कि रविवार एवं अन्य अवकाश के दिनों में बैलेंस नेगेटिव होने पर भी किसी भी स्थिति में बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।

गर्मी के मौसम को देखते हुए मंत्री ने सभी डिस्कॉम अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर बदलने में किसी प्रकार की देरी न हो तथा ढीले तारों और स्पार्किंग की समस्याओं को तत्काल ठीक किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अनुरक्षण कार्यों में तेजी लाकर दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जाए। इसके साथ ही मंत्री ने निर्देशित किया कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन डिस्कनेक्ट हुए हैं, उनसे फोन कॉलिंग के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि उपभोक्ता संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। बैठक में ऊर्जा मंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जाते रहेंगे।

इस बैठक में अपर मुख्य सचिव/ अध्यक्ष आशीष गोयल, डीजी विजलेंस जय नारायण सिंह, सभी डिस्कॉम के एमडी सहित अन्य सभी जनपदस्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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