सिफरी संस्थान ने गंगा नदी में तीस हजार मछली संरक्षण के लिए छोड़ी

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सिफरी संस्थान ने गंगा नदी में तीस हजार मछली संरक्षण के लिए छोड़ी


सिफरी संस्थान ने गंगा नदी में तीस हजार मछली संरक्षण के लिए छोड़ी


प्रयागराज, 30 अप्रैल (हि.स)। गंगा नदी में विलुप्त हो रहे मत्स्य प्रजातियों के संरक्षण एवं संवर्धन को ध्यान में रखते हुए, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केन्द्रीय अन्तर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सिफरी), प्रयागराज ने गुरुवार को पवित्र पावन गंगा और यमुना के संगम तट पर गंगा नदी में 30 हजार भारतीय प्रमुख कार्प-कतला, रोहू, मृगल मछलियों के अंगुलिका बीज को रैंचिंग कार्यक्रम के तहत छोड़ा गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ संतोष कुमार शुक्ला कार्यकारी सचिव ने मानव सभ्यता के लिए गंगा के महत्व को बताया और गंगा को स्वच्छ रखने एवं जैव विविधता को बचाने के लिए उपस्थित लोगों से आह्वान किया। संस्थान के वैज्ञानिक डॉ अबसार आलम ने मछलियों के उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के अन्तर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ धर्म नाथ झा ने नमामि गंगे परियोजना के बारे में जानकारी दी। साथ ही लोगों को गंगा के जैव विविधता और स्वच्छता के बारे में जागरूक किया। संस्थान के केन्द्राध्यक्ष डॉ बी.आर. चव्हाण ने समारोह को सम्बोधित करते हुए गंगा नदी में मछली और रैंचिंग के महत्व को बताया।

उन्होंने बताया कि एक किलोग्राम में इन अंगुलिकाओं के लगभग 66 मछलियाँ आती हैं, इस तरह कुल 455 किलोग्राम के लगभग मछलियों को गंगा नदी में छोड़ा गया। जिससे नदी की मत्स्य सम्पदा के साथ-साथ मछलियों की संख्या में वृद्धि होगी।

इस अवसर पर राजेश शर्मा संयोजक नमामि गंगे गंगा विचार मंच राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार ने मंत्रालय द्वारा गंगा सफाई के लिए किए कार्यों का उल्लेख किया तथा गंगा को साफ रखने के लिए शपथ दिलाया। मछुआरों ने भी सभा में अपनी बातों को रखा और सभी ने गंगा के प्रति जागरूक होने के साथ ही गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प व्यक्त किया।

अन्त में संस्थान के वैज्ञानिक डॉ वेंकटेश ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि हम इस परियोजना के उद्देश्यों को पाने में सफलता प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिक डॉ अबसार आलम, डॉ विकास कुमार, डॉ जितेंद्र कुमार आदि के साथ साथ शोधार्थी डॉ रईस भट्ट, डॉ संदीप कुमार मिश्र, सुशील वर्मा आदि ने सभा को सम्बोधित किया।

कार्यक्रम में मत्स्य विभाग उत्तर प्रदेश के अधिकारी के साथ गंगा टास्क फोर्स गंगा विचार मंच गंगा प्रहरी चंदू निषाद संदीप प्रियांशु पूनम आस-पास गाँव के मत्स्य पालक मत्स्य व्यवसायी स्नानार्थी तथा माँ गंगा सेवा समिति के पदाधिकारी गंगा तट पर रहने वाले स्थानीय लागों ने भाग लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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