श्रीकृष्ण जन्मभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग, एडीएम को सौंपा ज्ञापन
बलरामपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों ने बलरामपुर में शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा है। जिलाध्यक्ष चौधरी विजय सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मभूमि की भूमि से संबंधित अपनी मांगें रखीं।
ज्ञापन में कहा गया कि गोरक्षपीठाधीश्वर राष्ट्रसंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 12 सितंबर से पूरे उत्तर प्रदेश में शोभायात्रा और जनजागरण अभियान के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग उठाई जा रही है।
महासंघ ने ज्ञापन में दावा किया कि ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र में हिंदू मंदिर रहा है। संगठन का आरोप है कि अंतिम बार ओरछा के राजा वीर सिंह जू देव बुंदेला ने यहां विशाल मंदिर का निर्माण कराया था, जिसे औरंगजेब के शासनकाल में ध्वस्त किया गया। ज्ञापन में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि के कथित बंटवारे और अतिक्रमण को लेकर भी आपत्ति जताई गई। महासंघ ने पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 को अमान्य किए जाने की मांग करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित भूमि का बंटवारा निरस्त किया जाना चाहिए।
विश्व हिंदू महासंघ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मांग की कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित भूमि को श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के नाम किए जाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि वहां भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रभाकर कसौधन

