प्रयागराज सम्पूर्ण विश्व की साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक : अजीत कुमार

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प्रयागराज सम्पूर्ण विश्व की साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक : अजीत कुमार


--माघ मेला लोक आस्था, साहित्य और दर्शन के संवाद का केंद्र : डॉ. सरोज सिंह

प्रयागराज, 07 जनवरी (हि.स.)। प्रयागराज को “साहित्यिक संचेतना का तीर्थ” कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं, बल्कि यह सम्पूर्ण विश्व की साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। उक्त विचार उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित “शब्द-ब्रह्म” साहित्य एवं संस्कृति संगोष्ठी के मुख्य वक्ता अजीत कुमार ने “साहित्यिक संचेतना का तीर्थ है माघ मेला” विषय पर व्यक्त किया।

पर्यावरण चिंतक एवं भोजपुरी पत्रिका के संपादक अजीत कुमार ने प्रयाग को साहित्यिक संचेतना का अक्षयवट बताते हुए कहा कि“गंगा-यमुना के मिलन की इस धरा पर केवल नदियाँ नहीं, बल्कि युगों का विचार-प्रवाह एकत्र होता है। जैसे संगम पर स्नान से काया निर्मल होती है, वैसे ही प्रयागराज की साहित्यिक गोष्ठियों से प्रज्ञा का संस्कार होता है।” उन्होंने प्रयागराज को हिंदी साहित्य की सांस्कृतिक राजधानी बताते हुए इसके ऐतिहासिक और संस्थागत योगदान को अविस्मरणीय बताया।

साहित्यकार डॉ. सरोज सिंह ने कहा कि माघ मेले का साहित्यिक महत्व उसके पौराणिक संदर्भों, सांस्कृतिक विरासत एवं धार्मिक ग्रंथों में स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है। उन्होंने कहा कि शब्द-ब्रह्म जैसे कार्यक्रम माघ मेले को लोक आस्था, साहित्य और जीवन दर्शन के संवाद का केंद्र बनाते हैं। प्रयाग से ही उस परम्परा का अभिलेखिक साक्ष्य मिलता है। जहां दर्शन, स्नान और देह-त्याग के माध्यम से मोक्ष की संकल्पना विकसित हुई।

इसके पूर्व चौथे दिन का शुभारम्भ केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा एवं अन्य वक्ताओं ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर ब्रह्मनाद कला प्रतियोगिता के अंतर्गत वादन विधा में 20 प्रतिभागियों ने सितार, बांसुरी, ऑक्टोपैड एवं तबला पर आकर्षक प्रस्तुतियाँ देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। प्रतियोगिता में प्रयागराज, बनारस, बांदा एवं रायबरेली से आए प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर प्रभाकर त्रिपाठी, श्लेष गौतम, शैलेन्द्र मधुर सहित केंद्र के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

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