आज का बढ़ता प्रदूषण पर्यावरण को गंभीर चोट पहुंचा रहा: प्रो आनंद शंकर सिंह
प्रयागराज, 05 जून (हि.स)। ईश्वर शरण महाविद्यालय द्वारा पर्यावरण विज्ञान विभाग, इकोग्रीन क्लब, राष्ट्रीय सेवा योजना, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज एवं भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण, मध्य क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर आनंद शंकर सिंह ने कहा कि धरती पर जीवन का आधार पर्यावरण है लेकिन आज का बढ़ता प्रदूषण, जंगलों की कटाई, ग्लोबल वार्मिंग, पर्यावरण को गंभीर चोट पहुंचा रहे हैं। उन्होंने प्राचीन साहित्यिक स्रोतों पर प्रकाश डालते हुए प्राचीन कालीन पर्यावरणीय संरक्षण के अनेक पहलुओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल के लोग ‘जीवन के साथ प्रकृति और प्रकृति के साथ हम’ जैसे मूल्यों पर चलने की कोशिश करते थे। डॉ. विनय रंजन, भारतीय वनस्पति संरक्षण संस्थान ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों को बर्बाद होने से बचाना पर्यावरण संरक्षण में एक बड़ा योगदान है। डॉ. सी. मुरुगन, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने सभी से पर्यावरण बचाने की अपील की। डॉ. संजय, वरिष्ठ वैज्ञानिक, भारतीय वनस्पति संरक्षण संस्थान ने सुरक्षित पर्यावरण के लिए जीवन शैली कैसी हो, किसी उपयोग की हुई वस्तु को रिसाइकल कैसे किया जाए, पुरानी पीढियों के जीवन जीने के तरीके को साझा किया।
महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी, डॉ अरविंद मिश्रा ने कहा हमारे स्वास्थ्य और शांतिपूर्ण जीवन के लिए स्वच्छ पर्यावरण का होना बहुत आवश्यक है, जिसके लिए इस तरह के दिवस मनाकर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा सकता है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कृष्णा सिंह व डॉ. रिफाक अहमद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गायत्री सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शैलेश यादव ने किया। कार्यक्रम में पर्यावरण विज्ञान विभाग, ईश्वर शरण महाविद्यालय के डॉ. धर्मेंद्र कुमार तथा डॉ. शचि सिन्हा, डॉ कृपाकिंजलकम सहित स्वयंसेवक और स्वयंसेविकाएं तथा विभिन्न विभागों के शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।कार्यक्रम की अंतिम कड़ी में महाविद्यालय परिसर में विभिन्न महत्वपूर्ण व कई प्रकार के पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पर्यावरण को बचाने से संबंधित अपने-अपने विचारों को प्रस्तुत किया, जिसमें पीयूष यादव, प्रथम, अंजलि त्रिपाठी, द्वितीय व दिव्या पांडे, तृतीय स्थान पर रहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

