स्वाभिमान से जीने का मार्ग स्वावलंबन व स्वदेशी से ही निकलता है : देवेन्द्र कुमार पांडेय
मुरादाबाद, 16 जनवरी (हि.स.)। हमारे प्रधानमंत्री भी स्वदेशी अपनाने की बात विभिन्न मंचों से करते रहे हैं। स्वाभिमान से जीने का मार्ग स्वावलंबन एवं स्वदेशी से ही निकलता है। युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता का मार्ग अपनाना चाहिए, जिससे भारत आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो। यह बातें शुक्रवार को स्वदेशी जागरण मंच एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित हुई द्वितीय स्वदेशी संकल्प दौड़ रन फार स्वदेशी के मौके पर मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक देवेन्द्र कुमार पांडेय ने दौड़ में शामिल छात्र-छात्र को संबोधित करते हुए कही।
मंच के अखिल भारतीय विचार विभाग प्रमुख डाॅ. राजीव कुमार ने कहा कि स्वदेशी एवं उद्यमिता से ही भारत आत्मनिर्भर बनेगा। भोजन, भाषा, भेष एवं शिक्षा पद्धति स्वदेशी होनी चाहिए। भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक राहुल शर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के कथन उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य को प्राप्त न कर लो को युवाओं को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाना चाहिए। मंच के प्रांत संयोजक कपिल नारंग ने अपने संबोधन में कहा कि स्वदेशी ही राष्ट्र प्रेम की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति है। कार्यक्रम का समन्वय विभाग संयोजक प्रशांत शर्मा एवं जिला सहसंयोजक नीरज सोलंकी ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

