सर्वोदय विद्यालयों से संवर रहा भविष्य, गांव की बेटियां लिख रहीं सफलता की नई इबारत

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लखनऊ, 20 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की योजनाएं सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। समाज कल्याण विभाग के जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक, भारतीय संस्कार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के प्रभावी केंद्र बनकर उभर रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों के बौद्धिक, शारीरिक और नैतिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इसका ताजा उदाहरण मिर्जापुर के सर्वोदय बालिका विद्यालय, मड़िहान स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है। यहां नीट की निःशुल्क आवासीय कोचिंग प्राप्त करने वाली 34 छात्राओं में से 31 ने परीक्षा दी, जिनमें 18 छात्राओं ने सफलता हासिल की। इनमें पूजा रंजन, श्वेता पाल, खुशबू , लक्ष्मी रावत, मालती, अंकिता, अनीता, मनीषा, प्रेमलता, अंकिता कुमारी, कोमल, सपना, अंशिका, प्रियंका, फूल कुमारी, अनुराधा, खुशी और आंचल ने सफलता अर्जित की है।

अनुसूचित एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 60 प्रतिशत सीटें निर्धारित

जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रवेश प्रक्रिया में 60 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, 25 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 15 प्रतिशत सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी की सुविधा

निदेशक, समाज कल्याण विभाग संजीव सिंह ने साेमवार काे बताया कि सर्वोदय विद्यालयों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी और संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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