मोतीझील में चार से छह जनवरी तक सजेगा सरस आजीविका मेला,60 स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा मंच

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मोतीझील में चार से छह जनवरी तक सजेगा सरस आजीविका मेला,60 स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा मंच


कानपुर, 02 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश की कानपुर जनपद में मोतिझील स्थित सरस आजीविका मेला- 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला ग्रामीण संस्कृति, स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण को समर्पित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लगाया जा रहा है। यह मेला चार से छह जनवरी तक मोतीझील लॉन संख्या-दो में आयोजित होगा। यह जानकारी शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने दी।

मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने बताया कि तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को उनके उत्पादों के विपणन और बिक्री के लिए सशक्त मंच उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल सके। मेले का उद्घाटन चार जनवरी को अपराह्न एक बजे जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सरस आजीविका मेले में कानपुर मंडल के ग्रामीण क्षेत्रों से चयनित स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भाग लेंगी। मेले में सौंदर्य प्रसाधन, सुगंधित उत्पाद, पारंपरिक परिधान और वस्त्र संग्रह, घरेलू उपयोग की सामग्री, मसाले, पारंपरिक हस्तकला से जुड़े उत्पाद, लेदर उत्पाद, जैविक पौधे और कृषि उत्पाद, स्वच्छता से संबंधित सामग्री तथा पूजन और हवन से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। ग्रामीण महिलाओं द्वारा अपने हाथों से तैयार किए गए ये उत्पाद न केवल उनकी मेहनत और कौशल को दर्शाते हैं, बल्कि स्वदेशी परंपरा और स्थानीय पहचान को भी मजबूत करते हैं।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि इस आयोजन में जनपद कानपुर नगर के 20 स्वयं सहायता समूहों के साथ कानपुर मंडल के अन्य पांच जनपदों से 40 स्वयं सहायता समूह प्रतिभाग करेंगे। इस प्रकार कुल 60 स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री करेंगी। यह मेला ग्रामीण आजीविका संवर्धन के साथ महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने जनसामान्य से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सरस आजीविका मेले में पहुंचकर स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण महिलाओं को न केवल बाजार से सीधा जुड़ाव मिलता है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और स्वावलंबन को भी नई दिशा मिलती है।

हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद

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