रोजगार निर्माता बनकर रोजगार देना राष्ट्र की आर्थिक शक्ति को मजबूत करता है: थावर चंद्र गहलौत
संस्कृति विश्वविद्यालय का 7वां दीक्षांत समारोह संपन्न
मथुरा, 12 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सोमवार को संस्कृति विश्वविद्यालय का 7वां दीक्षांत समारोह अकादमिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद्र गहलौत रहे , जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता ने की। इस अवसर पर वर्ष 2025 और 2026 में उत्तीर्ण हुए 4,141 विद्यार्थियों को उपाधि और डिप्लोमा प्रदान किए गए तथा मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि राज्यपाल थावर चंद्र गहलौत ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे नौकरी खोजने वाले की बजाय रोजगार निर्माता बनने का सपना देखें। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के जरिए दूसरों को रोजगार देना राष्ट्र की आर्थिक शक्ति को मजबूत करता है। राज्यपाल ने जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, सतत कृषि, साइबर सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसी देश की वास्तविक समस्याओं पर केंद्रित शोध कार्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने तक्षशिला और नालंदा जैसी प्राचीन ज्ञान परंपरा का स्मरण कराते हुए एआई और डिजिटल युग में भारतीय ज्ञान की प्रासंगिकता को रेखांकित किया।
विवि कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता ने कहा तकदीर बन जाती है, तदबीर बन जाती है, इंसान खुद पर आ जाए तो तसवीर बन जाती है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में 55 स्टार्टअप चल रहे हैं और इस वर्ष 100 स्टार्टअप शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, विवि ने देश में सबसे ज्यादा पेटेंट दाखिल किए हैं और छात्रों के लिए अत्याधुनिक एआई लैब भी स्थापित की गई है।
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने अपने हाथों से 49 शोधार्थियों को उपाधि प्रदान की और विभिन्न कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से नवाजा। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम् के साथ हुई। कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी ने स्वागत भाषण व वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, तथा अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस समाराेह में बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, गणमान्य अतिथि और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

