संकष्टी गणेश चतुर्थी आज,माघ कृष्ण चतुर्थी पर सर्वार्थ अमृत सिद्ध योग का संयोग
जौनपुर,06 जनवरी (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में सनातन धर्म और हिन्दुओं का प्रसिद्ध पर्व माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि मंगलवार को संकष्टी गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है। यह व्रत प्रीति योग में सर्वार्थ अमृत सिद्ध योग के किया जाएगा। आज चंद्रोदय रात्रि 8:45 बजे से 9:30 बजे तक होगा इस दौरान व्रती माताएं चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करेगी।
इस संबंध में हिंदुस्थान समाचार से बात करते हुए विद्वान ज्योतिषाचार्य डॉ. अखिलेश मिश्रा ने बताया कि इस दिन व्रती महिलाएं दिनभर उपवास रखती हैं। चंद्रोदय से पूर्व स्नान कर नए वस्त्र धारण किए जाते हैं। खुले आसमान के नीचे गोबर से लीपकर चौक पूरा जाता है, जहां पूजन की सभी वस्तुएं रखी जाती हैं। मान्यता है कि इस व्रत के करने से संकटों से मुक्ति मिलती है।महिलाएं अपने पुत्रों के दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि व मंगल कामना के लिए यह व्रत रखती हैं।यह विघ्न-बाधाओं का निवारण करता है। व्रत से परिवार में धन-धान्य व ऐश्वर्य में वृद्धि होती है। चंद्रोदय के पश्चात चंद्रमा को लाल चंदन, कुश, दूर्वा, फूल, अक्षत और शमी पत्र आदि के साथ तांबे के पात्र से अर्घ्य दिया जाता है। इस व्रत में गौर गणेश और चंद्रमा का विशेष पूजन किया जाता है।पूजन में प्रत्येक वस्तु भगवान गणपति को चार की संख्या में चढ़ाई जाती है। इसमें लाल कंद, फल, गुड़, तिल्ली, पान और तिल शामिल हैं। गुड़, तिल और घृत की आहुति भी दी जाती है।चार बत्तियों वाले दीपक के साथ गणेश आरती की जाती है। गणेश जी की चार कथाएं कही और सुनी जाती हैं। काले तिल, जल और फूल को हाथ में लेकर चार बार प्रदक्षिणा करते हुए अर्घ्य देने का विधान है। व्रत में गुड़, काली तिल और लाल कंद मूली पान के पत्ते का विशेष महत्व बताया गया है। पूजन के पश्चात सिंघाड़े का हलवा, कंद, दूध और चाय आदि का फलाहार किया जाता है।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

