भारतीय नववर्ष का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व : सह प्रांत प्रचारक

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भारतीय नववर्ष का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व : सह प्रांत प्रचारक


भारतीय नववर्ष का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व : सह प्रांत प्रचारक






भारतीय नववर्ष का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व : सह प्रांत प्रचारक


भारतीय नववर्ष का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व : सह प्रांत प्रचारक


देवरिया, 19 मार्च (हि.स.) । वर्ष प्रतिपदा एवं हिंदू नववर्ष के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा देवरिया नगर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी संघ के स्वयंसेवकों ने अनुशासित पथ संचलन निकाला। पथ संचलन महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज के प्रांगण से प्रारम्भ होकर जलकल रोड, नई बाजार, पेड़ा गली, स्टेशन रोड, तहसील रोड, कोआपरेटिव चौक एवं अस्पताल मार्ग होते हुए पुनः कॉलेज परिसर में आकर सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम स्थल पर मुख्य वक्ता गोरक्ष प्रांत के सह प्रांत प्रचारक सुरजीत ने स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्ष प्रतिपदा का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्योंकि इसी दिन संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्म हुआ था। यह भारतीय नववर्ष का भी प्रारम्भ है, इसलिए इसका विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। उन्होंने कहा कि मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की तथा सिंधी समाज के झूलेलाल का जन्म भी इसी दिन माना जाता है। वर्तमान समय में हिंदू समाज में जागरूकता बढ़ रही है और समाज एकजुट हो रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1925 में स्थापित संघ इस वर्ष अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। इस अवसर पर स्वयंसेवकों का दायित्व है कि ‘पंच परिवर्तन’ के विचार को समाज तक पहुंचाकर जनजागरण करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सक आर पी शाही ने किया।

इस अवसर पर विभाग संघचालक राजधारी, जिला संघचालक मकसुदान, सह जिला संघचालक अवनीश, जिला कार्यवाह कृष्ण प्रताप, विभाग कार्यवाह राम प्रवेश, सह जिला कार्यवाह विकास, बौद्धिक प्रमुख राजेश, जिला प्रचार प्रमुख पुष्पराज एवं शारीरिक प्रमुख उपेंद्र सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनके अलावा देवरिया सदर के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, भरत मद्धेशिया, दीपक मद्धेशिया सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक कार्यक्रम में शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

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