सनातन संस्कृति ने अनेक आक्रमणों और कठिन परिस्थितियों का सामना किया : मनोज सिन्हा

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सनातन संस्कृति ने अनेक आक्रमणों और कठिन परिस्थितियों का सामना किया : मनोज सिन्हा


सनातन संस्कृति ने अनेक आक्रमणों और कठिन परिस्थितियों का सामना किया : मनोज सिन्हा


देवरिया, 20 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के सलेमपुर तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम बनकटा शिव में आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ, विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं अमृतमयी कथा कार्यक्रम में शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सहभागिता की। धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में क्षेत्रीय श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उपस्थित रही। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर आयोजकों और ग्रामीणों ने उनका पारम्परिक तरीके से स्वागत किया।

अपने सम्बोधन में उप राज्यपाल ने कहा कि सनातन संस्कृति ने अनेक आक्रमणों और कठिन परिस्थितियों का सामना किया है, किंतु उसकी जीवन्तता और आध्यात्मिक शक्ति आज भी अक्षुण्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन का एक नया कालखंड प्रारम्भ हुआ है। उन्होंने समाज को बांटने वाली शक्तियों से सावधान रहने का आह्वान करते हुए कहा कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने लगभग 500 वर्षों के लम्बे इंतजार के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आस्था, धैर्य और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। यह केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास की पुनर्स्थापना है। उन्हाेंने

कहा कि आज भारत आर्थिक प्रगति के साथ-साथ समावेशी विकास, डिजिटल सशक्तिकरण और आधुनिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने पौराणिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि त्रेता युग में देवरिया की उत्पत्ति मानी जाती है और ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वनवास काल में इस क्षेत्र में भी चरण रखे थे। उन्होंने समाज में समरसता, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

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